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रेल अंडर पास कांग्रेस की उपलब्धि : डॉ. बी.डी. कल्ला

Rail underpass A Congress achievement – Dr. B.D. Kalla

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)।   राजस्‍थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्‍यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. बुलाकीदास कल्ला ने कहा कि सांखला फाटक और कोटगेट फाटक पर अंडरपास निर्माण का कार्य उनके मंत्रित्व काल में ही स्वीकृत हो चुका था, जिसे वर्तमान सरकार अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है। वास्‍तव में वह कांग्रेस सरकार की उपलब्धि है।

डॉ. कल्‍ला ने शनिवार को समाचार सेवा यूट्यूब न्‍यूज चैनल से बातचीत में कहा कि सांखला फाटक और कोटगेट फाटक दोनों स्थानों पर अंडरपास बनना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसे दोहरी व्यवस्था के साथ विकसित किया जाना चाहिए ताकि आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग उपलब्ध हो सकें। पूर्व मंत्री ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राज्य की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को भी सुझाव दिया है।

अंडरपास स्थायी समाधान नहीं

साथ ही उन्होंने कहा कि अंडरपास स्थायी समाधान नहीं हैं और भविष्य में बीकानेर में रेलवे बायपास का निर्माण हर हाल में आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि भले ही वर्तमान में इसकी आवश्यकता उतनी महसूस नहीं की जा रही हो, लेकिन शहर के भविष्य को देखते हुए रेलवे बायपास अपरिहार्य है। डॉ. कल्ला ने बताया कि रविवार को वे केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष भी इस मांग को रखेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस रेलवे बायपास की मांग उठाई थी, उसी मांग को एक बार फिर रेल मंत्री के सामने रखेंगे।

प्रसूताओं की मौत मामले की हो निष्‍पक्ष जांच

पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं तथा हाल ही में प्रसूताओं की मौत के मामलों को गंभीर बताते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा है कि इन घटनाओं के लिए जो भी कारण जिम्मेदार हैं, वे निष्पक्ष जांच के बाद सामने आने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांग यही है कि पूरे मामले की सही और पारदर्शी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। उन्होंने मृतका प्रसूता प्रीति नायक के पोस्टमार्टम को लेकर भी सवाल उठाए।

पोस्टमार्टम में जल्दबाजी क्‍यों दिखाई  

डॉ. कल्ला ने कहा कि सामान्यतः रात के समय पोस्टमार्टम नहीं किया जाता, जबकि इस मामले में रात में ही पोस्टमार्टम कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं जिनके कारण इतनी जल्दबाजी दिखाई गई। पूर्व मंत्री ने पीबीएम अस्पताल की अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाओं पर भी चिंता व्यक्त की।

नई मेडिसिन विंग जल्‍द शुरू हो

उन्होंने कहा कि नई मेडिसिन विंग को शुरू नहीं किया जा रहा है और जनाना अस्पताल की नई इमारत भी अब तक चालू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब जनाना अस्पताल की अलग से व्यवस्था उपलब्ध है तो उसे शुरू करने में देरी समझ से परे है।