NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि वे बीकानेर की धरती से यह कहना चाहते हैं कि कांग्रेस आपातकाल जैसे लोकतंत्र-विरोधी कृत्य के लिए इतिहास के सामने कभी मुक्त नहीं हो सकती। लखावत गुरुवार को भाजपा संभाग कार्यालय बीकानेर में “आपातकाल : संविधान की हत्या” विषयक कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, न्यायालय जाने के अधिकार तक सीमित कर दिए गए तथा विपक्षी नेताओं और हजारों लोकतंत्र सेनानियों को मीसा के तहत जेलों में डाल दिया गया। लखावत ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल की सच्चाई नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं संयोजक अशोक प्रजापत ने किया।
लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा सबक
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि आपातकाल का इतिहास केवल एक घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा सबक है। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमें सदैव सजग, संगठित एवं समर्पित रहना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर भाजपा अध्यक्ष सुमन छाजेड़ एवं देहात भाजपा अध्यक्ष श्याम पंचारिया ने की।
कार्यक्रम में मूलचंद सोलंकी, ब्रह्मानंद गहलोत, वीरेंद्र सिंह यादव, आशुतोष रावल, श्रीदत्त दवे, सोहन सिंह सोढ़ा, नारायण सिंह यादव, दाऊलाल गहलोत, ललित प्रसाद रंगा, अशोक कुमार व्यास, नर्बदाशंकर आचार्य सहित मीसाबंदियों ने भी आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) का किया सम्मान
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) का सम्मान किया गया तथा आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।


