NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर से 24 किलोमीटर दूर स्थित ईष्टदेव कोडमदेसर भैरव मंदिर एक ऐसा स्थान है जहाँ लोग मन्नतें पूरी होने पर या विशेष दिनों, जैसे अष्टमी, चतुर्दशी, और अमावस्या पर दूर-दूर से पैदल चलकर आते हैं। यह मंदिर महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर की तरह ही एक मुक्त आकाश के नीचे है और इसकी स्थापना बीकानेर की स्थापना से भी पहले की मानी जाती है।
पुजारी परिवार से जुड़े एडवोकेट तेजकरण गहलोत ने बताया कि प्रतिवर्ष भादवे महीने मे लगने वाला यह मेला इस बार 4 और 5 सितंबर को भव्य रूप से भरने जा रहा है। तीन दिवसीय मेले के दौरान पुजारी परिवार व सेवादारों मे छगनलाल, तिलोकचंद, माणकचंद, राजेश गहलोत, गोविंद गहलोत, बाबूलाल, मनोज, विशाल गहलोत, जगदीश गहलोत, साहिल बोंडा सहित अनेक सेवादार मेल प्रबंधन मे अपनी विशिस्ट भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि शताब्दियों से चली आ रही इस परंपरा में बारस, तेरस और चौदस की तिथियों पर आस्था की गंगा उमड़ती है और हजारों की संख्या में पदयात्री तथा श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ के दरबार में अपनी मनोकामनाएँ लेकर पहुंचते हैं।
भक्ति-भाव से बाबा के दरबार में हाजिरी

बीकानेर शहर से ही नहीं, अपितु चहू ओर से बड़ी संख्या में लोग इस मेले में आते हैं। भक्तजन बीकानेर से पैदल यात्र कर कठिन पदयात्रा पूरी कर भक्ति-भाव से बाबा के दरबार में हाजिरी लगाते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पुजारी परिवार के तेजकरण गहलोत ने बताया कि इस अवसर पर मंदिर को विशेष श्रृंगार और सजावट से सुसज्जित किया जाता है। प्रातःकालीन आरती के समय भव्य श्रृंगार, दीप-प्रज्वलन और शंख-घंटी की ध्वनि से सम्पूर्ण परिसर गूंज उठता है। श्रद्धालुओं का स्वागत सिंदूर तिलक लगाकर किया जाता है और प्रसाद वितरण का क्रम निरंतर चलता रहता है।
जगह-जगह लगाए गए हैं सेवा शिविर
दर्शन के लिए बांस बलियों से लाइनबद्ध व्यवस्था की जाती है जिससे हजारों श्रद्धालु सहज रूप से बाबा के दर्शन कर सकें। मेले शुरू होने से पूर्व पदयात्रियों के सेवार्थ समाजसेवी और भामाशाहों द्वारा जगह-जगह सेवा शिविर लगाए जाते हैं जिनमें पानी, दूध, चाय, बिस्किट, बूंदी-नमकीन और रात्रिभोज तक की निःशुल्क व्यवस्था होती है। चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार की सुविधाएँ भी मौजूद रहती हैं। मेल परिसर के आसपास श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशालाओं के साथ-साथ अस्थाई शिविर भी लगाए जाते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी इस बार विशेष तैयारियाँ की हैं।
पूरी तरह मुस्तैद है पुलिस

गजनेर थानाधिकारी सुभाष गोदारा ने बताया कि राजमार्गों पर पुलिसकर्मी पदयात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए मौजूद रहेंगे। आस्था, सेवा और संगठन का यह अद्वितीय संगम कोडमदेसर भैरव मेला हर वर्ष बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को जीवंत करता है। बाबा के चरणों में उमड़ती श्रद्धा और भक्तिभाव की यह धारा इस मेला पर्व को सदियों से अमर बनाए हुए है।


