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पुलिस प्रशासन को सोशल मीडिया से बाहर निकल कर व्यावहारिक होना होगा

The police administration must step away from social media and become practical.

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)।   दिल दहला देने वाली घटनाएं अक्सर हमें झकझोरती हैं, लेकिन दुखद यह है कि हम उनसे सबक लेने में देर कर देते हैं। चाइनीज मांझे से मासूम बच्चों की मौत कोई नई बात नहीं रह गई, फिर भी हर बार प्रशासन की प्रतिक्रिया घटना के बाद ही सक्रिय होती है। हाल ही में आठ वर्षीय विराट की दर्दनाक मृत्यु ने पूरे समाज को भीतर तक हिला दिया। एक ऐसा बच्चा जिसने अभी जीवन को समझना शुरू भी नहीं किया था, वह लापरवाही की भेंट चढ़ गया। उसकी तड़प, उसके माता-पिता का असहनीय दुखइन सबकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप उठती है।

सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार कौन है? जब एक पेड़ के कटने पर पुलिस संबंधित थानेदार को जवाबदेह ठहराती है, तो फिर खुलेआम बिक रहे और इस्तेमाल हो रहे खतरनाक चाइनीज मांझे के लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं होती? यह सर्वविदित है कि पतंगबाजी के साथ चाइनीज मांझा भी बाजार में आता है। ऐसे में इसकी सप्लाई चेन को रोकना कोई असंभव कार्य नहीं है। मांझा शहर और गांव में कहां से आ रहा है, किसके माध्यम से बिक रहा है—यह सब प्रशासन की जानकारी से बाहर नहीं हो सकता।

इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का होना सीधे-सीधे लापरवाही को दर्शाता है। हितेश जैसे अन्य पीड़ितों के मामले भी सामने आ चुके हैं, जिनकी गर्दन इस जानलेवा मांझे से कट गई। हर घटना के बाद चेतावनी, अभियान और बयानबाजी होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव बना रहता है।यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का प्रश्न है। प्रशासन और पुलिस को समझना होगा कि सोशल मीडिया पर सक्रियता दिखाना पर्याप्त नहीं है। असली जिम्मेदारी उन मासूम जिंदगियों की रक्षा करना है, जो हर दिन इस खतरे के बीच जी रही हैं।

चाइनीज मांझे के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री पर सख्ती से रोक लगे

जरूरत है कि चाइनीज मांझे के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री पर सख्ती से रोक लगे। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और नियमित जांच अभियान चलाए जाएं। साथ ही आम जनता को भी जागरूक होना होगा कि वे ऐसे घातक मांझे का उपयोग न करें। अगर अब भी हम नहीं चेते, तो ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे और हर बार किसी मां-बाप की दुनिया उजड़ती रहेगी। समय आ गया है कि जिम्मेदारी तय हो और ठोस कदम उठाए जाएं ताकि कोई और विराट इस तरह असमय मौत का शिकार न बने।

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