पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच की गई पहल
NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर रहा कि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर में इन दिनों (कोविड-19 मॉडल की तरह) ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिये विश्वविद्यालय आना नहीं पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. मनोज दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस वर्ष मई माह में की गई अपील का अनुसरण करते हुए विश्विद्यालय में 15 मई से ऑन लाइन कक्षाओं के आयोजन का आदेश जारी किया।
हालांकि इसमें भी कुछ शिक्षकों का मत रहा कि शिक्षक भी वर्क फ्रॉम होम कर ईधन बचा सकते थे, उन्हें भी विवि आने में ईंधन खर्च नहीं करना पढ़ता। एक डिप्टी रजिस्ट्रार सहित कुछ कर्मचारियों ने तो विवि से व्हीकल लोन से ई-व्हीकल खरीदने के सपने भी देखने शुरू कर दिये। मगर वर्तमान में चल रही व्यवस्था के आदेश में बताया गया कि विश्वविद्यालय आदेश के द्वारा शैक्षणिक संवर्ग एवं प्रयोगशाला कार्मिकों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के ग्रीष्माकालीन अवकाश 1 मई से 30 जून तक के दौरान विभाग में ठहराव सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रधानमंत्री की अपील का अनुसरण
इसी क्रम में कुलगुरू द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पनन आर्थिक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री की अपील का अनुसरण करते हुए विश्वविद्यालय ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ऑन लाइन कक्षाओं के आयोजन के लिये नियमित संकाय सदस्य एवं अतिथि शिक्षक विश्वविद्यालय परिसर में आकर ऑन लाइन कक्षाएं लेंगे तथा ऑन लाइन कक्षाओं संबंधी समस्त रिकार्ड संधारित करेंगे। आदेश के तहत सभी विभागाध्यक्ष एवं पाठयक्रम सहप्रभारीको उक्त अवधि में विभाग की आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षकों की नियमानुसार सेवाएं लेने के लिये कार्रवाई संपादित करने को कहा गया।
विवि में ई-पत्रावली प्रक्रिया शुरू
सहायक कुल सचिव सामान्य प्रशासन को विवि में ई-पत्रावली प्रक्रिया शुरू करने के लिये सभी अनुभाग, विभाग, कार्यालय को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया। संपदा अधिकारी को विवि के सभी भवनों में इंटरनेट की सुचारू व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही आदेश विवि के सभी शिक्षकों व प्रयोगशाला कार्मिको को पालनार्थ भेजा गया। जानकारी में रहे कि पश्चिम एशिया (विशेष रूप से ईरान-अमेरिका/इज़राइल) में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 में देश के शिक्षण संस्थानों से ईंधन बचाने और आर्थिक दबाव कम करने के लिए अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाएं अपनाने का सुझाव दिया था।
एमजीएसयू ने सुझाव को साकार रूप दिया
बीकानेर में अन्य शिक्षण संस्थानों पीएम के इस सुझाव पर क्या निर्णय लिया, इसके बारे में तो इन संस्थानों ने नहीं बताया मगर एमजीएसयू ने सुझाव को साकार रूप दिया। हालांकि, पीएम मोदी की यह एक स्वैच्छिक अपील थी। यह अपील कोई अनिवार्य राष्ट्रव्यापी आदेश नहीं था मगर एमजीएसयू ने बगैर ढिंढोरा पीटे इसका अनुसरण कर ईधन बचाने की पहल की।
पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना
प्रधानमंत्री की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों और स्टाफ के परिवहन को कम करके देश में पेट्रोल-डीजल की खपत घटाना और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना था, जिससे स्थानीय स्तर पर पैनिक (लॉकडाउन जैसी स्थिति) न फैले।



