MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। जन समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित जन सुनवाई और संपर्क पोर्टल की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं सेवानिवृत्त कार्मिक नरेंद्र सिंह राजावत ने इन्हें केवल औपचारिकता करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन माध्यमों से आमजन की समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं हो रहा, बल्कि यह समय व्यतीत करने का एक साधन बनकर रह गए हैं।
समाचार सेवा से बातचीत में राजावत ने कहा कि व्यापक स्तर पर फैले भ्रष्टाचार के कारण आम नागरिक बेहद परेशान और निराश हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तीसरे गुरुवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली जन सुनवाई महज एक औपचारिक प्रक्रिया बन चुकी है, जिससे न तो समस्याओं का प्रभावी समाधान हो पा रहा है और न ही आमजन को राहत मिल रही है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्थाओं पर सरकारी समय और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
पुरानी गिन्नानी में सात महीनों से बंद पड़ा रास्ता

राजावत ने शहर की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए पब्लिक पार्क के ऐतिहासिक दरवाजे की उपेक्षा, फर्नीचर वाली गली में पिछले सात महीनों से बंद पड़े रास्ते तथा शहर की जर्जर सड़कों की स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अव्यावहारिक और दूरदर्शिता की कमी वाला निर्णय
इसके अलावा, उन्होंने बीडीए द्वारा जोड़ बीड क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों को अव्यावहारिक और दूरदर्शिता की कमी वाला निर्णय बताया। राजावत ने आरोप लगाया कि जयमलसर क्षेत्र में कमांड जमीनों को अनकमांड दर्शाकर बड़े स्तर पर घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके पास पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें वे शीघ्र ही सार्वजनिक करेंगे।
पूरी तरह समाप्त हो सकता है आमजन का विश्वास
राजावत ने प्रशासन से जन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और पारदर्शी पहल करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आमजन का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो सकता है।


