NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। सेवा आयाम अभारा शैक्षिक महासंघ के अखिल भारतीय संयोजक प्रो. सुशील बिस्सु ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत को वैश्विक ज्ञान में महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के उदेश्य में सफल रही हैं।
प्रो. बिस्सु बुधवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) में “नीति से परिवर्तन तक : राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के पांच वर्ष” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता की रूप में अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर, सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत की नींव है जिसने देश का भविष्य संवारा है।
प्रो. बिस्सु ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारत की शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, नवाचारी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की हैं। इस नीति ने भारत में व्यापक शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र पर गहन प्रभाव डाला हैं।
समावेशी, शिक्षार्थी-केंद्रित और भविष्य अनुरूप शिक्षा प्रणाली
बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (उच्च शिक्षा) द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि अभारा शैक्षिक महासंघ के पश्चिम क्षेत्र प्रमुख प्रो. दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्ष में इस नीति ने भारत में अधिक समावेशी, शिक्षार्थी-केंद्रित और भविष्य अनुरूप शिक्षा प्रणाली की नींव रखी है।
बीटीयू के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। यह उच्च शिक्षा को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाते हुए विकसित भारत@ 2047 के निर्माण में अहम भूमिका का निर्वाह कर रही है। देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा अधिक समावेशी और सुलभ हो गई है।
शैक्षिक और व्यावसायिक क्षमताएँ हासिल
अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें शुरू हुई हैं, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शैक्षिक और व्यावसायिक क्षमताएँ हासिल हो रही हैं। निदेशक अकादमिक डॉ यदुनाथ सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि समारोह का आयोजन संयोजक डॉ सुधीर भारद्वाज के संयोजन में हुआ।
संगोष्ठी में विभिन्न शिक्षाविदों, उच्च शिक्षा विशेषज्ञों और हितधारकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर एनईपी के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में हुई उल्लेखनीय प्रगति की बीटीयू में शिक्षाविदों ने की समीक्षा करने के साथ एनईपी 2020 के कार्यान्वयन और प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की।


