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बीकानेर में साइबर ठगों के बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़

Major organized gang of cyber fraudsters busted in Bikaner

USHA JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। जयनारायण व्‍यास कॉलोनी थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सीताराम, मुन्नीराम, रामस्वरूप, रामप्रकाश और राधाकिशन जैसे नाम सामने आए हैं। पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में मोबाइल, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। अब तक की तकनीकी जांच में आरोपियों द्वारा 68 लाख 52 हजार रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्कॉर्पियो गाड़ी से मिला ठगी का सामान

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रविवार 28 जून  को पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी को रुकवाया। जब पुलिस थाने में लाकर गाड़ी की सघन तलाशी ली गई, तो उसमें साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला उपकरणों का जखीरा मिला। पुलिस ने गाड़ी से 9 मोबाइल फोन, 9 मोबाइल सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेक बुक, 3 पैन कार्ड तथा 4 आधार कार्ड बरामद किए। थानाधिकारी विक्रम तिवारी और एएसआई पूर्णाराम ने जब्तशुदा सामग्री को सुरक्षित रखवा कर, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ शुरू की है।

जांच में खुले राज, 68.5 लाख का फ्रॉड

एएसआई पूर्णाराम ने साइबर सेल बीकानेर और साइबर पुलिस थाना बीकानेर की टीम के साथ मिलकर जब जब्त किए गए 9 मोबाइल और 9 सिम कार्ड्स का गहराई से तकनीकी विश्लेषण किया, तो ठगी के बड़े नेटवर्क की परतें खुलने लगीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही कई शिकायतें दर्ज हैं:

बैंक खाते पर NCRP शिकायत

धर्मेंद्र सियाग के एसबीआई बैंक खाते, रामप्रकाश के आईसीआईसीआई बैंक खाते तथा सीताराम के यूको (UCO) बैंक खाते पर NCRP शिकायत पुलिस के अनुसार अब तक कुल 68 लाख 52 हजार रुपये की ठगी प्रमाणित हो चुकी है। इस मामले में सीताराम, मुन्नीराम, रामस्वरूप, रामप्रकाश और राधाकिशन जैसे नाम सामने आए हैं।

ठगी का तरीका

यह एक संगठित गिरोह है जो आम और भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में लेता है। आरोपी अलग-अलग बैंकों में फर्जी तरीके से खाते खुलवाते हैं। इसके बाद, खाता धारक की बिना अनुमति के कंप्यूटर जनरेटेड आईडी और पासवर्ड चुराकर या उनका प्रतिरूपण (Impersonation) करके साइबर फ्रॉड को अंजाम देते हैं। ठगी के पैसों का लेन-देन इन्हीं फर्जी खातों के माध्यम से किया जाता है।

आरोपियों के खिलाफ  मामला दर्ज

इस गंभीर मामले में व्‍यास कॉलोनी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट  की विभिनन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के और मामलों की पड़ताल कर रही है।

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