Loading Now

updates

मानसून 2026: संभावित बाढ़ व अतिवृष्टि से निपटने के लिए बीकानेर प्रशासन अलर्ट

पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों को रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश,

हलवाइयों व व्यापारियों की बनेगी सूची

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। मानसून 2026 के दौरान संभावित बाढ़ एवं अतिवृष्टि की किसी भी आपात स्थिति से निपटने और आमजन को आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर निशांत जैन और जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) नरेश शर्मा ने सभी संबंधित विभागों, व्यापारिक संगठनों और सेवा प्रदाताओं को अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

30 सितंबर तक रखना होगा पेट्रोल-डीजल और गैस का रिजर्व स्टॉक

आपदा के समय राहत व बचाव कार्यों में वाहनों और ईंधन की कमी न हो, इसके लिए जिला कलेक्टर निशांत जैन ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पाबंद किया है। निर्देशों के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक प्रत्येक पेट्रोल पंप को न्यूनतम 2000 लीटर डीजल और 1000 लीटर पेट्रोल का आरक्षित स्टॉक (रिजर्व) एनीटाइम बनाए रखना होगा। इसी तरह, जिले की सभी घरेलू गैस एजेंसियों को अपने अधिकृत गोदामों में कम से कम 25 घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का आरक्षित भंडारण रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में ईंधन की आपूर्ति बाधित न हो।

राशन, दवाइयों और सब्जियों की नहीं होगी कमी

जिला रसद अधिकारी नरेश शर्मा ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सामग्री, खाद्य तेल, जीवनरक्षक दवाइयों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए बीकानेर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लिमिटेड और परिवहन से जुड़ी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है। साथ ही, फल-सब्जी मंडी प्रशासन से समन्वय कर आलू, प्याज सहित अन्य आवश्यक सब्जियों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

राहत के लिए चिह्नित होंगे व्यापारी और हलवाई

आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। डीएसओ नरेश शर्मा ने बताया कि हर क्षेत्र में न्यूनतम पांच ऐसे व्यापारियों व दुकानदारों को चिह्नित किया जा रहा है, जो आवश्यक खाद्य सामग्री के किट तैयार रखेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक क्षेत्र में कम से कम पांच हलवाई (कैटर्स) की सूची भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर ये हलवाई तत्काल भोजन तैयार कर प्रभावित लोगों तक पहुंचाएंगे।

राशन की दुकानों में जलभराव न हो, अधिकारी देंगे प्रमाण-पत्र

बारिश के पानी से सरकारी राशन खराब न हो, इसके लिए सभी प्रवर्तन अधिकारियों और निरीक्षकों को फील्ड में उतारा गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकानों और गोदामों का भौतिक निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि भवनों में सीलन, पानी का रिसाव या जलभराव की स्थिति न हो। निरीक्षण के बाद अधिकारियों को इसका प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

स्वयंसेवी संस्थाओं से मांगा सहयोग

आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बीकानेर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) से भी सहयोग का आह्वान किया है। प्रशासन ने इन संगठनों से राहत सामग्री वितरण और भोजन पैकेट तैयार करने जैसी मानवीय सहायता के लिए अलर्ट रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून अवधि में सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे और इन तमाम तैयारियों की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।

Share this content:

You May Have Missed