Samachar Seva

Mission Patrkarita

पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार घोषित

Pokarmal Rajrani Goyal Memorial Rajasthani Fiction Literature Award announced

संतोष चौधरी और भंवरलाल भ्रमरको मिलेगा 11-11 हजार रुपये का पुरस्‍कार

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। पाँचवे पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार को की गई। इसके तहत जोधपुर की कथाकार संतोष चौधरी की राजस्थानी कहानी संग्रह “काया री कळझळ ” पर 11 हजार रुपये का पोकरमल राजरानी गोयल स्मृति राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

साथ ही दूसरा 11 हजार रुपये का राजस्थानी कथा पुरस्कार बीकानेर के साहित्यकार भंवरलाल भ्रमर को उनके कहानी संग्रह “ऊपरलो पासो” के लिए दिया जाएगा। पोकरमल राजरानी गोयल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि मई माह में बीकानेर में मुक्ति संस्था के तत्वावधान में आयोजित समारोह में दोनों साहित्यकारों को पुरस्कार अर्पित किये जाएंगे।

मुक्ति संस्था के सचिव कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी ने बताया कि  पुरस्‍कार निर्णायक मंडल में डॉ. उमाकांत गुप्त, डॉ. रेणुका व्यास ‘नीलम’ और डॉ. नमामी शंकर आचार्य शामिल थे।

पुरस्कृत साहित्‍यकार संतोष चौधरी

11 फरवरी 1972 को जन्‍मी संतोष चौधरी सक्रिय साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता है। पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वे पिछले दो दशक से राजस्थानी मान्यता आंदोलन से जुड़ी है,  राजस्थानी कहानी संग्रह प्रकाशित हुआ है। इनका चर्चित राजस्थानी उपन्यास रात पछै परभात 2019 में और हिंदी कविता-संग्रह मेरा मौन 2018 में प्रकाशित हुए हैं।

पुरस्कृत साहित्‍यकार भंवरलाल भ्रमर

बीकानेर में 22 अक्टूबर 1946 को जन्मे भंवरलाल भ्रमर राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ कहानीकार- सम्पादक है। भ्रमर की लगभग दस से अधिक हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। भ्रमर एक अनुवादक एवं आदर्श शिक्षक है।