USHA JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बुधवार को पांच अलग-अलग अस्वाभाविक मौतों (मर्ग) के मामले सामने आए हैं। इन हादसों में जहां एक युवक की नहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, वहीं एक किसान की कीटनाशक के प्रभाव से जान चली गई। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग दर्ज कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए हैं।
पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान प्रसूता ने तोड़ा दम
गंगाशहर थाना क्षेत्र में एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। रामपुरा बस्ती की गली नंबर 1 के रहने वाले बाबूलाल नायक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उनकी 22 वर्षीय पुत्रवधू शारदा (पत्नी राजेश नायक) को डिलीवरी के लिए 3 जून 2026 को पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
भेड़ को बचाने के प्रयास में नहर में डूबा युवक
लूनकरनसर थाना क्षेत्र की उदेशिया रोही में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। बुधवार सुबह करीब 10 बजे दौलतराम और उसका 26 वर्षीय भाई डूंगरराम (पुत्र आशूराम जाट, निवासी खिलेरिया) रेवड़ चरा रहे थे। इसी दौरान एक भेड़ अचानक नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए डूंगरराम नहर के किनारे गया, लेकिन पैर फिसलने से वह खुद नहर में गिर गया। राहगीरों और भाई के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और डूबने से उसकी मृत्यु हो गई।
खेत में कीटनाशक छिड़कते समय जहर चढ़ने से किसान की मौत
पूगल थाना क्षेत्र के कालवाली निवासी 56 वर्षीय किसान श्यामदीन (पुत्र बरकत अली) की कीटनाशक के प्रभाव से मौत हो गई। उनके बेटे सुभान ने रिपोर्ट दी है कि 18 जून को खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय उसके पिता को जहर चढ़ गया था। उन्हें गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 23 जून को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
खेत में पेड़ से फंदा लगाकर की आत्महत्या
हदां थाना क्षेत्र के नान्दड़ा गांव में एक 33 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। अखुगिरी स्वामी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसके भाई चतुरगिरी (पुत्र विशनगिरी स्वामी) ने अपने ही खेत में पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
पैर कटने से मानसिक तनाव में थे युवक, इलाज के दौरान मौत
गीगासर निवासी 38 वर्षीय उग्रसेन मेघवाल (पुत्र राधाकृष्ण) की पीबीएम अस्पताल में मृत्यु हो गई। मृतक के भाई धनराज ने बताया कि एक पैर कट जाने के कारण उग्रसेन मानसिक रूप से बीमार रहने लगा था। 23 जून को उसे इलाज के लिए पीबीएम अस्पताल लाया गया था, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत मामले की जांच कर रही हैं।


