NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। कंवरसेन लिफ्ट के क्षतिग्रस्त खालों के जीर्णोद्धार के लिए 185 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे लूणकरणसर क्षेत्र के 35 गांवों के 26 हजार 248 हेक्टेयर क्षेत्र के 28 हजार काश्तकारों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। सिंचाई के तीस प्रतिशत पानी की छीजत रुकेगी और अंतिम छोर तक बैठे किसान को पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी। यह कार्य 31 पैकेज में होगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि पहले चरण में 9 पैकेज के कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। सभी कार्य मार्च 2027 तक पूर्ण कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के अलावा पांच-पांच जागरूक नागरिकों की चक समितियां गठित की गई हैं। सोमवार को जयपुर रोड स्थित गंगा रिजॉर्ट में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के कंवरसेन लिफ्ट क्षेत्र के किसानों के साथ आयोजित चर्चा और संवाद कार्यक्रम के दौरान खाद्य मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में खाले लगभग 50 साल पहले बने थे।
मुख्यमंत्री से किया खालों के जीर्णोद्धार का आग्रह
यह अब पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे 25 से 30 प्रतिशत तक पानी व्यर्थ जा रहा था। ऐसे में किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री को खालों के जीर्णोद्धार के लिए आग्रह किया। उन्होंने वर्ष 2024-25 के बजट में इसकी स्वीकृति दे दी। सभी औपचारिकताओं के साथ अब यह कार्य जल्दी ही धरातल पर उतरने वाला है। गोदारा ने कहा कि जल बचत से इन गांवों के काश्तकार 45 करोड़ रुपए की अतिरिक्त फसलें ले पाएंगे।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के बजट में कंवरसेन लिफ्ट नहर क्षेत्र के किसानों को प्रत्येक पम्पिंग स्टेशन के लिए 22 अतिरिक्त पम्प, 2 नई क्रेन और 2 ट्रांसफार्मर के लिए 14 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। अब पम्पिंग स्टेशन पर मोटर खराब होने की स्थिति में अतिरिक्त मोटर की उपलब्धता से जलापूर्ति बाधित नहीं होगी।
वहीं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से विद्युत सम्बन्धी समस्या का समाधान होगा और एक ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में दूसरा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर पंद्रह सेकंड में काम करने लगेगा। गोदारा ने बताया कि अब खालों के जीर्णोद्धार में सीमेंट-कंक्रीट की ईंटें बनेंगी, जो अधिक मजबूत होंगी। लंबे समय तक चलेंगी और पानी का लोसेस कम होगा।


