NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा.इन)। देश में 7 करोड़ से अधिक लोग नशीली दवाओं के उपयोग से संबंधित विकारों से प्रभावित हैं। इनमें लगभग 1.2 करोड़ बच्चे और 58 लाख महिलाएं शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देशभर में 768 नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के साथ उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं का विस्तार किया है। उपचार चाहने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसमें 294% की वृद्धि हुई है। यह 2020 में 2.08 लाख से बढ़कर 2025 में 8.20 लाख से अधिक हो गई है, जहां बिना किसी भेदभाव या पूर्वाग्रह के उपचार प्राप्त किया जा रहा है। मंत्रालय की टोल-फ्री नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 पर 4.69 लाख कॉल आ चुकी हैं, जो सहायता चाहने वाले व्यक्तियों और परिवारों के लिए संपर्क का पहला बिंदु है।
‘मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना‘
जानकारी में रहे कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ‘मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना’ शुरू की है। वर्ष 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया था। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के अनुसार मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ लड़ाई जागरूकता, जन-केंद्रित उपायों, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय, सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी से होनी चाहिए।
विभाग के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि केवल जन आंदोलन के माध्यम से ही हम सशक्त, विकसित और नशामुक्त भारत की राह बना सकते हैं।


