NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा.इन)। सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के निकट रविवार को खेजड़ली उत्सव मनाया गया। इस दौरान जनभागीदारी से एक साथ 11 हजार खेजड़ी पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। खेजड़ली उत्सव बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल, पद्मश्री हिम्मताराम भांभू भी मौजूद रहे।

मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि उत्सव का विशेष आकर्षण 363 महिलाओं की सहभागिता रही, जिन्होंने पारंपरिक नगाड़ों एवं लोक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच खेजड़ी पौधों का रोपण कर राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित व राष्ट्रीय संत सरजूदास जी ने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रत्यक्ष.अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक नागरिक के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा
खेजड़ी पौधरोपण के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा, संस्कृति एवं पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है। इसका संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है। इस अनूठे दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। 363 अंक ने अमृता देवी की याद को ताजा कर दिया। कार्यक्रम में बनाए गए सभी ब्लॉकों में सुव्यवस्थित ढंग से पौधारोपण सम्पन्न हुआ।
प्रतिभागियों ने केवल पौधे लगाने तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से सम्पन्न यह ऐतिहासिक खेजड़ली उत्सव भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं हरित राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में प्रेरणा देता रहेगा।


