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कार्यस्थल पर सुरक्षा हर महिला का अधिकार-सुशीला ओझा

विद्यार्थियों को दी साईबर क्राइम से सुरक्षित रहने की जानकारी

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। उरमूल सीमांत समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ओझा ने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा हर महिला का अधिकार है। पॉश कानून हमें डरमुक्त माहौल में काम करने का आत्मविश्वास देता है। श्रीमती ओझा सोमवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) बीकानेर के मानव संसाधन विकास सभागार में हुई कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न तथा साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।

उन्‍होंने कहा कि महिलाएं अपने साथ हुए किसी भी अवांछित व्यवहार के प्रति चुप ना रहें बल्कि आवाज उठाएं। महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ अनुराधा सक्सेना ने कहा कि सभी संस्थान अपने यहां कार्यरत महिलाओं से सम्मान की सुरक्षा के लिए प्रो एक्टिव होकर कार्य करें। साइबर थाना प्रभारी रमेश सरवटे और उनके टीम ने साइबर क्राइम और इससे  बचने के तरीके विभिन्न, पोर्टल, उपलब्ध सरकारी एजेंसियों आदि की जानकारी दी और विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब दिया।

कार्यशाला में महिला अधिकारिता विभाग साइबर थाना पुलिस, सहित  विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों से संवाद कर विभिन्न चुनौतियों, कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। समारोह में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ देवाराम सैनी, अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ दीपाली धवन, छात्र कल्याण निदेशक डॉ एच एल देशवाल ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशील ने किया। कार्यक्रम में संबद्ध महाविद्यालयों के स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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