USHA JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। महिलाओं-बच्चियों में पुलिस का डर मिटाए ‘सुरक्षा सखी’–सुमन स्वामी, पुलिस लाइन बीकानेर से सुरक्षा सखी प्रशिक्षक कर्मचारी एएसआई सुमन स्वामी ने पुलिस थानों में चयनित सुरक्षा सखियों से आव्हान किया है कि वें आम महिलाओं के मन से पुलिस का डर मिटाने का काम करें।
एएसआई सुमन स्वामी सोमवार 17 अक्टूबर को नोखा नगर पालिका सभागार में पुलिस सर्किल नोखा स्तर के नोखा, पांचू व जसरासर थानों की चयनित सुरक्षा सखियों की कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षा सखी’ पुलिस और महिलाओं-बच्चियों के बीच की एक ऐसी कड़ी है जो महिला अपराध को रोकने तथा ऐसे अपराधों को घटित होने पर महिलाओं-बच्चियों को न्याय दिलाने में मददगार हो सकती है।
इस अवसर पर हैड कांस्टेबल सुनीता ने सुरक्षा सखियों को बताया कि किस प्रकार प्रशिक्षित सुरक्षा सखियां समाज में महिलाओं को विभिन्न अपराधों का शिकार होने से बचा सकती हैं। साथ ही अपराध की शिकार महिलाओं को बेझिझक पुलिस से मदद प्राप्त करने के लिये प्रेरित कर सकती हैं। कार्यशाला में 38 सखियों ने भाग लिया। यह कार्यशाला ऑगन ट्रस्ट की ओर से आयोजित की गई।
प्रशिक्षण में वक्ताओं ने बताया कि सुरक्षा सखी कार्यक्रम राज्य सरकार और राज्य पुलिस की ओर से एक पहल है, जिसमें सुरक्षा सखी समुदाय और पुलिस के बीच एक पुल का काम करती है।सुरक्षा सखी सामुदायिक स्तर पर महिलाओं-बच्चियों पर आ सकने वाले खतरों को पहचाने और उन खतरों के संबंध में पुलिस के साथ होने वाली बैठकों में उन खतरों पर विस्तार से चर्चा करे।
प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न थानों की चयनित सुरक्षा सखियों के साथ नोखा थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद, पांचू थानाधिकारी मनोज कुमार यादव, जसरासर थानाधिकारी जगदीश प्रसाद, देशनोक थाने के एएसआई रामस्वरूप आदि शामिल रहे।



