गौ सेवा के साथ मनाया विप्र सेना का छठा स्थापना दिवस
NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। विप्र सेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि हिंदू परंपरा में गाय को कामधेनु का स्वरूप माना गया है, जो समृद्धि, पालन-पोषण और संस्कृति का प्रतीक है। डॉ. मेघना रविवार को विप्र सेना की बीकानेर इकाई की ओर से संगठन के छठे स्थापना दिवस पर डेहरु माता मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में अपने विचार रख रही थीं।
उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म और संस्कृति में गायों का विशेष महत्त्व है। डॉ. मेघना ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ सेवा का विशेष महत्व है और समाज को इस दिशा में निरंतर कार्य करना चाहिए। गौ सेवक धर्मेंद्र सारस्वत ने कहा कि गाय को गौ माता का दर्जा इसलिए दिया गया है क्योंकि वह मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर गौ सेवा को प्राथमिकता देकर संगठन ने सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।
डेहरु माता मंदिर में गायों को खिलाया चारा
समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं ने गजनेर रोड स्थित डेहरु माता मंदिर में गायों को चारा, गुड़ और पानी अर्पित कर गौ सेवा की। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बिन्यानी चौक स्थित सत्यनारायण मंदिर में आयोजित महाआरती में भी भाग लिया तथा सनातन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हरिगोपाल उपाध्याय, पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सारस्वत, रविंद्र जाजड़ा, प्रदेश प्रवक्ता रामावतार उपाध्याय, भगवती प्रसाद गौड़, पवन कुमार सारस्वत, इंद्र कुमार शर्मा सहित विप्र सेना के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


