जयपुर, (समाचार सेवा)। बीकानेर के ऊंट उत्सव सहित विभिन्न मेलों, उत्सवों की नये सिरे से होगी ब्रांडिंग, राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये अब बीकानेर के केमल फेस्टिवल सहित पुष्कर मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, कुंभलगढ़ उत्सव, बूंदी उत्सव सहित राज्य के विभिन्न मेलों एवं उत्सवों की नई सिरे से ब्रांडिंग की जायेगी।
इन मेलो-मगरियों को नई सोच के विभिन्न नई गतिविधियों को शामिल किया जाएगा जो पर्यटकों को अधिक से अधिक अपनी ओर आकर्षित कर सके। पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य मंत्री गहलोत दवारा दिये गए इन निर्देशों के बाद पर्यटन विभाग सक्रिय हो गया है।
गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि गहलोत ने कहा कि मेले एवं उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। ज्यादा से ज्यादा देशी एवं विदेशी पर्यटक इनसे जुड़ सकें इसके लिए इन्हें नया रूप दिया जाए।
उन्होंने कहा कि विश्व के पर्यटन मानचित्र पर राजस्थान की एक अलग पहचान बनी हुई है। ऎसे में राजस्थान में पर्यटन की प्रभावी ब्रांडिंग की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां आऎें। उन्होंने महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों तथा मेलों-उत्सवों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित पर्यटन नीति- 2020 में, एडवेंचर टूरिज्म, मेडि-टूरिज्म, नाइट टूरिज्म, वीकेंड टूरिज्म एवं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया है। इससे प्रदेश में पर्यटन को गति मिलेगी। प्रदेश में करीब 20 साल बाद आई पर्यटन नीति से कोविड-19 के कारण संकट का सामना कर रहे पर्यटन क्षेत्र को पुनः पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण विदेशी पर्यटक नहीं आ रहे हैं। एसे में, देशी- पर्यटन को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने राजस्थान टूरिज्म डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरटीडीसी) को फिर से मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्यटक थानों को सशक्त बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बड़ी संख्या में प्राचीन एवं पुरामहत्व के धार्मिक स्थल हैं।
ऎसे मे धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास की रूपरेखा तैयार करें। बैठक में पर्यटन राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।
















