NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर स्थापना दिवस पर मंगलवार को जांगळ प्रदेश चंदा महोत्सव समिति द्वारा जूनागढ़ परिसर में चंदे का पूजन मंत्रोचार के साथ करवाकर चंदा उड़ाया गया तथा देश में अमन, चैन व खुशहाली की कामना की गई।
अतिथियों ने जय जंगळधर बादशाह, मां करणी एवं भगवान श्री गढ गणेश के समक्ष उपस्थित होकर राजपंडित श्याम आचार्य, सिनी आचार्य, किशन आचार्य, पंडित गंगाधर व्यास ने लोकगीत, आकाशों में उड़े म्हारौ चंदौ लक्ष्मीनाथ म्हारी सहाय करे, गवरा दादी पून दे टाबरियों रौ चंदो उड़े। बोलो रै छोरो आखातीज रौ तेल खिचड़ो खावै मघो मूधड़ौ गीत प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने बताया कि बीकानेर के राजा राव बीकाजी ने 537 वर्ष पूर्व बीकानेर की स्थापना की। बीकानेर नगर को बसाने से पहले चंदे को जहां-जहां उड़ाया और जहां-जहां चंदा गिरा वहां-वहां बीकानेर की सीमा (शफील) बनाई गई। राजेश रंगा ने बताया कि राव बीकाजी ने चंद्रनुमा गोल आकृति की पतंग और बीकानेर की पगड़ी को पूंछ बनाकर चंदा उड़ाया था।
22 गज की पगड़ी के साथ 7 फिट का चंदा
शिक्षाविद् जानकीनारायण श्रीमाली ने बताया कि राव बीकाजी बीकानेर स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी 22 गज की पगड़ी के साथ 7 फिट का चंदा बनाकर आकाश में उडाकर यह संदेश दिया कि बीकानेर की कीर्ति अनंत काल तक अछुण रहेगी। कृष्णचंद्र पुरोहित ने बताया कि राव बीकाजी अपने काल में चंदों के माध्यम से जनता तक संदेश पहुंचाते थे। आज भी चंदे के माध्यम से संदेश पहुंचाने की परंपरा को जीवित रखे हुए है और जनता एवं प्रशासन तक विभिन्न समयानुकूल संदेश पहुंचाते हैं।
पर्यटकों ने बीकानेर स्थापना दिवस की दी बधाई
इस अवसर पर कनाड़ा, आस्ट्रेलिया, बैल्जियम और स्पेन से आए हुए पर्यटकों ने बीकानेर स्थापना दिवस की बधाई देते हुए चंदा उड़ाया। मिस्टर डेजर्ट एवं रोबीले चंदा कार्यक्रम में शामिल हुए जो कि शाम्भा बीकानेरी, सत्यदेव किराडू कबाड़ी काका, किशोर कल्ला हैप्पी, मोहित पुरोहित, आदित्य पुरोहित, मोहित जोशी, कंवरलाल चौहान, सोनू, पंडित गंगाधर व्यास, भगवान सुथार, कला विशेषज्ञ डॉ. राकेश किराडू, आशीष रंगा, कार्तिक मोदी, ट्युरिस्ट गाईड सुभाष कच्छावा और महादेव जोशी इत्यादि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


