Loading Now

updates

जनता के सम्मान को सर्वोपरि रखे बीकानेर विकास प्राधिकरण

The Bikaner Development Authority must prioritize public dignity above all else.

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता केवल योजनाओं, भवनों और बजट से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि आम नागरिक को सरकारी कार्यालयों में कितना सम्मान और सुविधा मिलती है। विशेष रूप से नगर निगम और विकास प्राधिकरण जैसे संस्थान ऐसे होते हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों को अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए जाना पड़ता है। इसलिए इन संस्थानों की कार्यशैली जितनी जनोन्मुखी और संवेदनशील होगी, शासन के प्रति जनता का विश्वास उतना ही मजबूत होगा।

बीकानेर में भी नगरीय विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अधिकांश कार्य नगर निगम तथा बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के माध्यम से संपादित होते हैं। ऐसे में यदि आमजन को इन कार्यालयों में घंटों प्रतीक्षा करनी पड़े, मिलने की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल हो जाए या उन्हें यह महसूस होने लगे कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है, तो स्वाभाविक रूप से असंतोष पैदा होता है। प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का दायित्व केवल फाइलों का निस्तारण करना नहीं है, बल्कि जनता के साथ संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना भी है।

अनावश्यक दूरी लाती पर्ची प्रणाली

पर्ची प्रणाली अथवा अन्य व्यवस्थाएं कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू की जाती हैं, किंतु इनका उद्देश्य जनता और अधिकारी के बीच अनावश्यक दूरी पैदा करना नहीं होना चाहिए। यदि कोई वृद्ध, दिव्यांग, गंभीर रोगी अथवा दूरदराज से आया नागरिक घंटों प्रतीक्षा करने को विवश हो, तो यह व्यवस्था की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। प्रशासनिक दक्षता का अर्थ केवल समय प्रबंधन नहीं, बल्कि मानवीय परिस्थितियों को समझते हुए प्राथमिकता तय करना भी है।

व्यवहार और कार्यशैली से प्रभावित होते हैं लोग

भारतीय प्रशासनिक और अन्य उच्च सेवाओं के अधिकारियों को कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य उन्हें नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ विनम्रता, धैर्य और जनसेवा की भावना से भी परिपूर्ण बनाना है। जनता अधिकारी को उसके पद के कारण नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कार्यशैली के कारण याद रखती है। इतिहास गवाह है कि जिन अधिकारियों ने आमजन के लिए अपने कार्यालयों के द्वार खुले रखे, वे लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाने में सफल रहे।

प्राथमिकता व्यवस्था विकसित हो

बीकानेर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में नगर निगम और बीडीए की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क, जल निकासी, भवन स्वीकृति, कॉलोनियों का विकास और शहरी नियोजन जैसे विषय सीधे नागरिक जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए इन संस्थानों में कार्यों की गति, पारदर्शिता और जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था समय की मांग है। अधिकारियों को चाहिए कि वे नियमित रूप से जनता से संवाद करें, विशेष श्रेणी के नागरिकों के लिए प्राथमिकता व्यवस्था विकसित करें तथा कार्यालयों को अधिक सुलभ और उत्तरदायी बनाएं।

किसी को भी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं

जनता सरकारी कार्यालयों में किसी विशेष कृपा की अपेक्षा नहीं करती, वह केवल सम्मानजनक व्यवहार और समय पर सुनवाई चाहती है। प्रशासन की वास्तविक प्रतिष्ठा बंद दरवाजों और लंबी प्रतीक्षा से नहीं, बल्कि सहज उपलब्धता, संवेदनशीलता और प्रभावी कार्य निष्पादन से स्थापित होती है। यही सुशासन का मूल मंत्र है और यही लोकतंत्र की आत्मा भी।

Share this content:

You May Have Missed