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निर्बाध रूप से चल रहा है स्‍वर्णकार समाज का अखाडा

sri brahiman sravankar akhada

बीकानेर, (समाचार सेवा) निर्बाध रूप से चल रहा है स्‍वर्णकार समाज का अखाडा। बीकानेर में अखाड़े (व्यायाम शाला) की परम्परा बहुत पुरानी है। श्रीब्राह्मण स्वर्णकार समाज बीकानेर जैसी संस्‍थायें भी है जो अखाडा परम्परा को जीवित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। स्‍वर्णकार समाज के अखाडे को स्‍थापित हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है।

अखाडा संस्‍था का उदेश्य आज के डिजिटल युग में बच्चो को शारीरिक और मानसिक स्तर पर इस परम्परा द्वारा सुदृढ़ किया जाना है। समाज के ही प्रांगण में बने इस अखाडे में प्रातःकालीन  सुबह 6 से 9 बजे तक तथा शाम को  6 से 9 बजे तक नव युवाओं को प्रशिक्षित किए जाने का क्रम जारी है। यहां कुश्ती, गदा, मोगरी, लाठी, बन्नाटी, योगासन एवं अन्य  खेलकूद  गतिविधियां   आयोजित की जाती है।

यहां स्‍वर्णकार समाज के बच्‍चे और युवा विभिन प्रकार के शारीरिक प्रदर्शन करते है। इस संस्‍था के शुक्रवार 25 मई को हुए वार्षिकोत्‍सव में बीकानेर कुश्ती संघ के सचिव जगन पुनिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। ब्राह्मण स्वर्णकार वेब पोर्टल के संचालक भगवती प्रसाद सोनी ने बताया की समाज की ओर से संचालित के इस अखाडे कुश्ती में रविन्द्र सोनी योगासन, गदा मोगरी में लक्ष्मण सोनी, भारोतोलन में गोपी सोनी, लाठी बन्नाटी के क्षेत् में जयराम लाडनवाल अपनी नियमित सेवाएं दे रहे हैं।

साथ ही राधाकिशन भजूङ भक्ती भाव और अल्पाहार की विशेष रूप से अपनी सेवा दे रहे है।

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