वेदाश्रम में 21 बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ जनेऊ संस्कार
NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। पंचांगकर्ता ज्योतिष आचार्य पंडित राजेंद्र किराडू ने कहा कि जनेऊ के तीन धागे ब्रह्मा विष्णु और महेश का प्रतीक होते हैं। पंडित किराडू शुक्रवार को मुरलीधर व्यास नगर स्थित मां सरस्वती वेदाश्रम में आयोजित प्रथम जनेऊ संस्कार कार्यक्रम में बटुकों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बटुकों को जनेऊ की महत्ता को बताते हुए कहा कि इसमें तीन धागे होते हैं जो सत्व रज और तम तीनों गुणों अर्थात ब्रह्मा विष्णु और महेश का प्रतीक हैं।
पंडित किराडू ने बताया कि कान पर जनेऊ धारण करने से सूर्य नाड़ी जागृत होती है। जनेऊ बुरे कर्म से बचाती है। जनेऊ धारण करने से बालक गायत्री जपने का अधिकारी होता है और इससे उसकी आयु बढ़ती है। कार्यक्रम में कुल 21 बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से जनेऊ संस्कार किया गया। आश्रम अधिष्ठाता पंडित मुरलीधर पुरोहित ने बताया कि बटुकों ने सबसे पहले हवन किया और कांशी पढने जाने हेतु संकल्प लिया। इसी बीच में बटुकों के मामा द्वारा बटुकों को मान मुन्नवार करके वापिस मनाया गया।
सभी बटुकों को कान में दिया गया गुरु मंत्र
बटुकों ने सबसे अपने परिवार वालों से भिक्षा मांगकर उसे अपने गुरु को सौंपा गया। गुरु द्वारा सभी बटुकों को कान में गुरु मंत्र दिया गया। आश्रम प्रवक्ता राकेश बिस्सा ने बताया कि कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण पुरोहित एवं उनकी धर्मपत्नी पुष्पा पुरोहित ने सभी बटुकों को अपनी तरफ से भेंट दी। इस अवसर पर पंडित उमेश, पंडित सुरेश, पंडित संतोष व्यास, पंडित श्रीलाल, पंडित नवरतन, हंसराज किराडू, मदन पुरोहित, मीनाक्षी, माया, जमना, संतोष, यामिनी, अंजलि, संध्या व लकी आदि मौजूद रहे।


