MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, ( हास्य समाचार सेवा)। बीकानेर के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या अब शहर की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। सुबह से लेकर देर रात तक शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर जाम की स्थिति आम हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण दुकानों के आगे किया गया अतिक्रमण और उसके बाद सड़क पर खड़े किए जाने वाले वाहन हैं। संकरी सड़कों पर जब दुकानों के बाहर अतिरिक्त कब्जा हो जाता है, तो वाहनों की आवाजाही बाधित होना स्वाभाविक है।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आगे फुटपाथों और सड़कों पर सामान रख देना आम बात हो चुकी है। इससे पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बचती और वे मजबूरी में सड़क पर चलते हैं, जिससे यातायात और भी प्रभावित होता है। इसके अलावा, पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोग अपने वाहन दुकानों के सामने ही खड़े कर देते हैं, जो जाम की समस्या को और बढ़ा देता है।
यातायात पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन यह कार्रवाई अक्सर अस्थायी साबित होती है। कुछ दिनों तक व्यवस्था सुधरती है, फिर वही स्थिति दोहराई जाती है। समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को नियमित और प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इसके साथ ही व्यापारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और दुकानों के आगे अतिक्रमण से बचना होगा।
संयुक्त रूप से एक ठोस योजना बनानी चाहिए
नगर निगम और यातायात पुलिस को संयुक्त रूप से एक ठोस योजना बनानी चाहिए। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पार्किंग के लिए वैकल्पिक स्थान विकसित किए जाएं और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को केवल अभियान तक सीमित न रखकर निरंतर निगरानी का हिस्सा बनाया जाए। जिन स्थानों पर बार-बार अतिक्रमण हो रहा है, वहां सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह संदेश जाए कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीकानेर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। अगर दुकानदार नियमों का पालन करें, वाहन चालक पार्किंग नियमों का सम्मान करें और प्रशासन अपनी भूमिका मजबूती से निभाए, तो शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना शहर की छवि और नागरिकों की सुविधा दोनों के लिए आवश्यक है। दृढ़ इच्छाशक्ति, सख्त कार्रवाई और सामूहिक जिम्मेदारी के जरिए ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।


