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देवीसिंह भाटी की सक्रियता से फिर गरमाई सियासत

भाटी

बीकानेर, (समाचार सेवा)। देवीसिंह भाटी की सक्रियता से फिर गरमाई सियासत, पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं।  अचानक सक्रीय हुए भाटी ने सियासी पारा बड़ा दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री से भेंट होने के बाद से सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनो के कान खड़े हो गए है।

पिछले कुछ माह से सुर्खियों से गायब रहने  वाले भाटी ने पहले चरण में सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भेंट  कर आर्थिक रुप से पिछड़े सवर्णो के 10% आरक्षण में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने  का आग्रह किया। इस मुलाकात के दौरान भाटी  ने बीकानेर जिले की विभिन्न समस्याओं पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। कद्दावर नेता भाटी ने टिडडी नियंत्रण हेतु  मशीनरी को सक्रिय करने की आवश्यकता जताई।

भाटी ने कहा पिछले दिनों टिडडी के कारण बीकानेर जिले विशेषकर कोलायत व खाजूवाला के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।  भाटी ने मुख्यमंत्री गहलोत के समक्ष  किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने की  मांग पुरजोर शब्दों में रखी। भाटी ने प्रदेश में गुटका बंद करने के निर्णय को साहसिक बताते हुए कहा कि इसके दूरगामी नतीजे आएंगे।

हां उल्लेखनीय है कि देवी सिंह भाटी जमीन से जुड़े हुए नेता है। अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत के बाद लगातार चुनाव जीतने वाले भाटी राजस्थान के एकमात्र करिश्माई नेता है जिनका ब्राह्मणों, मुसलमानों, राजपूतों, पिछड़े वर्ग, आरक्षण से वंचित सहित अन्य वर्गों में खासा प्रभाव है।भाटी  ने 90 के दौर में सामाजिक न्याय मंच नाम से आरक्षण आंदोलन शुरू किया था।

राजस्थान के लगभग हर जिले में उस दौर की रैलियों में उमडऩे वाली भीड़ ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रेक्षकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

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