NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतू पटवारी ने कहा कि अवादा का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। श्रीमती ऋतू ने गांव सूडसर में अवादा की छात्रवृत्ति योजना के तहत आयोजित समारोह में भेजे अपने संदेश में कहा कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा ही ग्रामीण युवाओं को रोज़गार और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर सकती है।
उन्होंने बताया कि अवादा फाउंडेशन ने ग्राम सूडसर के युवाओं को रोज़गारपरक शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए 11 युवाओं को आईटीआई में प्रवेश हेतु 100% छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय क़दम उठाया है। फाउंडेशन की कौशल विकास छात्रवृत्ति योजना के तहत गाँव के 11 युवाओं का नामांकन रुघा राम भादू प्राइवेट आईटीआई, सूडसर में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड हेतु कराया गया है।
एक लाख 20 हजार रुपये का चेक सौंपा
इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि समाजसेवी पुरा राम एवं अवादा फाउंडेशन से अजय सिंह शेखावत ने संस्थान सचिव को 2 वर्षीय आईटीआई पाठ्यक्रम की प्रथम किश्त 1 लाख 20 हजार रुपये का चेक सौंपा। फाउंडेशन द्वारा इन सभी युवाओं की दो वर्ष की संपूर्ण फीस वहन की जाएगी।
फ़्री स्कॉलरशिप प्रदान की
ज्ञात हो कि पिछले साल भी फाउंडेशन ने 50 से भी ज़्यादा युवाओं को आईटीआई में एडमिशन दिलाकर फ़्री स्कॉलरशिप प्रदान की थी। इस वर्ष भी फाउंडेशन महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश (सोनभद्र) और राजस्थान के लगभग 80 बच्चों को तकनीकी शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दे रहा है। समारोह में अवादा फाउंडेशन के प्रबंधक महेश कुमार माथुर, रणजीत सिंह और गाँव के गणमान्य नागरिक, विद्यार्थियों के परिजन आदि मौजूद रहे।


