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बीकानेर में बन रही 55 करोड़ रुपये की कबीर वाटिका

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। शहर के निकट देवकुंड सागर गांव में ऐतिहासिक तालाब देवकुंड सागर के आसपास एक भव्य पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो रही “कबीर वाटिका” अब धीरे-धीरे आकार लेने लगी है। बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से 34 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार की जा रही यह वाटिका न केवल बीकानेर, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक आकर्षक पर्यटन और मनोरंजन स्थल बनने की दिशा में अग्रसर है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य निरानिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा 19 नवम्बर 2025 से शुरू किया गया था। अब मौके पर निर्माण गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी हैं। बीडीए की अधिशाषी अभियंता वंदना शर्मा ने समाचार सेवा से बातचीत में बताया कि परियोजना की पूरी राशि बीडीए द्वारा वहन की जा रही है तथा पूर्व निर्धारित ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार कार्य तेजी से करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वाटिका की चारदीवारी और रेलिंग का कार्य पूरा हो चुका है और अब अंदर विभिन्न सुविधाओं के निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

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कंपनी के इंजीनियर अविनाश गुप्ता के अनुसार, इस वाटिका में आधुनिक और पारंपरिक सुविधाओं का समन्वय देखने को मिलेगा। यहां सर्विस रोड, पार्किंग एरिया, भव्य प्रवेश द्वार, चिल्ड्रन प्ले जोन, ओपन जिम, हैंडीक्राफ्ट्स बाजार और म्यूजियम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा सेन्ट्रल प्लाजा, बोटेनिकल गार्डन, हर्बल गार्डन, नेटिव गार्डन और तुलसी गार्डन जैसी हरित परियोजनाएं भी इसका हिस्सा होंगी।

जल संरक्षण पर विशेष ध्यान

परियोजना में ओपन एम्फीथियेटर, परगोला सीटिंग, वाटर बॉडीज, मसाला चौक, बर्ड एवं बटरफ्लाई हैबिटेट, स्प्रिचुअल जोन, मियांवाकी फॉरेस्ट, नर्सरी, केमल राइड, सैंड ड्यून, नेटिव फॉरेस्ट जोन, जॉगिंग ट्रैक, ब्रिज, डेजर्ट गार्डन और साइकिल ट्रैक जैसी विविध सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। साथ ही, आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालय भी बनाए जाएंगे। परियोजना के तहत जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद प्राकृतिक खड्डों और बरसाती नालों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का संचयन किया जा सके। साथ ही, अतिरिक्त पानी को सुव्यवस्थित ढंग से देवकुंड सागर में पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

बजट धोषणा वर्ष 2025-26

बजट धोषणा वर्ष 2025-26 के तहत मुख्‍यमंत्री ने बीकानेर के रिड़मलसर क्षेत्र को ऑक्‍सीजन हब मनाकर पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। कबीर वाटिका में एम्फीथिएटर, इको वॉक जोन, नेटिव गार्डन व नेटिव फूड जोन, तुलसी गार्डन, हर्बल गार्डन, बोटेनिकल गार्डन, चिल्‍ड्रन प्‍ले जोन, सेन्‍ट्रल प्‍लाजा जोन, पाथ वे, वाटर स्‍ट्रक्‍चर, कल्‍चरल व एज्‍युकेशनल जोन, बर्डस वाचिंग जोन, स्प्रिचुअल व मेडिटेशन जोन, टॉयलेटस, सोलर पॉवर स्‍ट्रीट लाइट आदि बनाए जाने हैं।

नगर वन के रूप में विकसित की जा रही है कबीर वाटिका

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बीकानेर शहर के पास नगर वन के रूप में कबीर वाटिका विकसित की जा रही है। कबीर वाटिका राज्य सरकार का महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। कबीर वाटिका पश्चिमी राजस्‍थान का सबसे बड़ा निर्माणाधीन पिकनिक स्‍पॉट है। इस वाटिका को हरियाली तथा वाटर बॉडी के रूप में विकसित किया जाएगा। बीकानेर शहर से लगभग सात किमी दूर गांव रिडमलसर पुरोहितान में सागर रोड पर बन रही कबीर वाटिका पार्क में हर्बल गार्डन, वाटर पार्क, फूड जोन, जल निकाय, हरियाली और बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए मनोरंजन की सुविधाएं होंगी।  ग्राम पंचायत रिड़मलसर पुरोहितान स्थित जोहड़ पायतान भूमि की इस भूमि को वर्ष 2024 में भूमाफियाओं के कब्‍जे ध्‍वस्‍त कर कब्‍जा मुक्‍त भूमि कबीर वाटिका के निर्माण के लिये बीकानेर विकास प्राधिकरण को सौंपी गई।

सागर तालाब का जीर्णोद्धार नहीं होने से लोग नाराज

हालांकि, इस बड़े विकास कार्य के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा स्थानीय लोगों की नाराजगी का कारण बना हुआ है। ऐतिहासिक देवकुंड सागर तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर बीडीए द्वारा कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लिया गया है। लोगों का मानना है कि वाटिका के साथ-साथ इस प्राचीन और गौरवशाली जलाशय का पुनरुद्धार भी किया जाना चाहिए, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखा जा सके। कबीर वाटिका बीकानेर के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग भी जोर पकड़ती जा रही है।

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