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बिना ऑपरेशन बंद किया दिल का छेद

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बीकानेर, (समाचार सेवा ) बिना ऑपरेशन बंद किया दिल का छेद। दिल का छेद बंद करने में फोट्रिस डीटीएम ने इतिहास रचने का दावा किया है। अस्‍पताल के अनुसार डॉ. रामेश्‍वर बिश्‍नोई ने 15 वर्षीय बालिका मैना के दिल के छेद को बंद करने का कारनामा कर दिखा है।

आमतौर पर चिकित्सक शल्य चिकित्सा की राय देते है किन्तु डॉ. रामेश्वर ने बिना ऑपरेशन के पैर की नाड़ी के माध्यम से छेद बंद कर दिया। जानकारी के अनुसार  दम फूलने की समस्या से जूझ रही 15 वर्षीय मैना सब उम्मीद छोड़कर फोर्टिस डी.टी. एम. हॉस्पिटल के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रामेश्वर बिश्नोई से मिली।

जांच में  पाया गया की मैना के दिल में बड़ा छेद है। आमतौर पर चिकित्सक शल्य चिकित्सा की राय देते है किन्तु डॉ. रामेश्वर ने बिना ऑपरेशन के पैर की नाड़ी के माध्यम से छेद बंद करने की डिवाइस लगाने का बीड़ा उठाया I

डॉ. रामेश्वरने बताया की 20 ऍम ऍम का छेद किसी डिवाइस से बंद करना एक चुनौती भरा काम था और पहले बीकानेर संभाग में ऐसा काम कभी नहीं हुआ था I

ऐसे में 30 ऍम. ऍम. की ए .एस . डी. डिवाइस को नाड़ी के माध्यम से डालकर ए .एस .डी. छेद को बंद करने के चुनौती भरे काम को उन्होंने अंजाम दिया I

मैना अब बिलकुल स्वस्थ है l  डॉ.  रामेश्वर ने बताया की इस बिना ऑपरेशन के उपचार की तकनीक से रोगी बड़े और गंभीर ऑपरेशन के संभावित खतरों से बच जाता है और छुट्टी भी एक – दो-दिन में हो जाती है I

ज्ञात रहे की मैना का यह ऑपरेशन फोर्टिस डी.टी.एम. में भामाशाह योजना के तहत नि:शुल्क किया गया जो निजी क्षेत्र के हॉस्पिटलों में लगभग डेढ़ लाख रुपए के खर्चे से संभव होता है I

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