NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। काफी समय से बारिश की आस लगाए बैठे लोगों को मानसून की पहली बारिश ने तरबतर कर दिया। शहर के निचले इलाके तथा खासकर सूर सागर व पुरानी गिन्नानी क्षेत्र के लोगों के लिये हर बारिश मुसीबत ही बनकर आती है।
बारिश के दौरान सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज का एक हिस्सा भी ढह गया। वहां किसी प्रकार की जनहानि तो नहीं हुई मगर एक कार्यालय तथा बैंक भवन को काफी क्षति पहुंची है। सुबह बादलों की आवाजाही देखते हुए लोगों को यकीन था कि आज मेघ बरसेंगे। बरसे भी जमकर। दोपहर ढाई बजे बाद से बूंदाबांदी और ठंडी हवाएं शुरू होने के साथ लगभग आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। अधिकारियों को भी जलभराव के क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करने के लिये पहुंचना पड़ा।
बारिश के पानी से बन गया तालाब
मुरलीधर व्यास कॉलोनी में परशुराम द्वार के पास बारिश के पानी से तालाब बन गया। जस्सूसर गेट, नत्थूसर गेट, गोगा गेट, कोटगेट सभी क्षेत्रों में पानी ही पानी हो गया। सड़के कहीं नदी तो कहीं तालाब का रूप ले चुकी थीं। बच्चें इन सड़क वाली नदी व तालाब में मस्त होकर नाच रहे थे। कचहरी परिसर थोड़ी सी बारिश में तालाब का रूप ले लेता है। सोमवार को भी यही हुआ।
पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के बाहर पानी जमा
जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के बाहर पानी जमा हो गया। शहर में अनेक स्थानों पर बारिश के पानी को निकालने की उचित उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क व गलियों में राहगीरों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। पुरानी गिन्नाणी क्षेत्र में महज आधा घंटे की बारिश से क्षेत्र भर में पानी-पानी हो गया।


