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माध्‍यम कुछ भी हो हम सामाजिक मुद्दों पर बात जरूर करें-सुशीला ओझा

धोरों से उठी बाल विवाह के विरूद्ध आवाज, मीरा एवं कबीर के भजनों ने बांधा समां

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)।   सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला ओझा ने युवाओं व आम लोगों से आव्‍हान किया कि वे सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय अवश्‍य दें, चाहे इसके लिये वे किसी भी माध्‍यम को चुने पर सामाजिक मुद्दों पर अपना पक्ष जरूर रखें।

श्रीमती ओझा सोमवार को अजित फाउण्डेशन तथा उरमूल सीमान्त समीति बज्जू की ओर से बज्‍जू के उरमूल सीमान्त संस्थान परिसर में आयोजित दो दिवसीय नाटक एवं भजन कार्यशाला को विशेष आमंत्रित मेहमान के रूप में अपनी बात रख रही थीं। उन्‍होंने कहा कि हम आम और साधारण लोग अपने छोटे-छोटे प्रयासों से भी समाज में अपना योगदान दे सकते है।

Regardless-of-the-medium-we-must-talk-about-social-issues-Sushila-Ojha1-300x165 माध्‍यम कुछ भी हो हम सामाजिक मुद्दों पर बात जरूर करें-सुशीला ओझा

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की किशोरी बालिकाओं ने हनुमानगढ़ निवासी वरिष्ठ बाल साहित्यकार दीनदयाल उपाध्याय द्वारा लिखित नाटक बाल विवाह तथा संजय श्रीमाली द्वारा लिखित मोबाईल का चक्रव्यूह नाटक का मंचन किया। इस नाटक में बच्चों में मोबाईल की लत दूर करने का प्रयास किया जाता है। नाटक में बताया गया कि किस प्रकार मोबाईल ने हम सब को जकड़ रखा है तथा मोबाईल से हम किस प्रकार दूर रह सकते हैं।

मोबाईल का चक्रव्यूह नाटक

मोबाईल का चक्रव्यूह नाटक में कोमल, सुमन, लक्ष्मी, पूजा, रंजना, कल्पना एवं अन्ना ने किरदार निभाए। सहेली की साहयता नाटक का भी मंचन किया गया। इस नाटक में दो सहेलिया आपसी जागरूकता के माध्यम से बाल विवाह को रोकती है तथा इस सामाजिक कुरीति को बंद करने हेतु आहवान करती है।  नाटकों के सभी पात्र किशोरी बालिकाओं ने निभाए।  सहेली की सहायता नाटक में धापू, अनिशा, रंजना, अन्ना, लक्ष्मी, कल्पना, पूजा आदि ने किरदार निभाए।

बज्‍जू में हुई  नाटक एवं भजन कार्यशाला

नाटक का निर्देशन करते हुए संजय श्रीमाली ने बताया कि नाट्य के द्वारा हम अपनी बात बहुत ही सरल एवं सहजता से संप्रेष्ण कर सकते है। नाटक सीधा दर्शकों के मन को छूता है जिससे वह नाटक के साथ आत्मसात होते है। मीरा, कबीर के भजन पर कार्यशाला के दौरान सुनीता श्रीमाली द्वारा मीरा के भजन, कबीर वाणी, गज़ल आदि किशोरी बालिकाओं को गायकी के बारे में बताया तथा उनसे निरन्तर अभ्यास करवा कर भजन तथा कबीर वाणी गायन हेतु प्रेरित किया।

इस अवसर पर उरमूल सीमान्त समीति के सचिव सुनील लहरी, भोजराज, टीना वसू, रामलाल, रीधिमा ओझा, श्रुति बीका, अवनी श्रीमाली आदि  उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अशोक भाटी का मार्गदर्शन रहा, टीना वसू एवं बिलकिश पठान ने सहयोग किया।

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