बीकानेर, (समाचार सेवा)। पुलिस ने यूं पकडा मोहनलाल सोनार के मोहन चौक का झूठ, नोखा थाना पुलिस ने नोखा में रविवार 20 जून को एक सोनार के साथ दिन-दहाडे हुई लूट का पटाक्षेप कर दिया है।
पुलिस के अनुसार लूट की यह वारदात एकदम झूठी है। अपने लुटने का दावा करने वाले जोरावरपुरा निवासी 49 वर्षीय सोनार मोहनलाल ने अपने बकायादारों की आंखों में धूल झौंकने के लिये ही अपनी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर अपने लुटने का नाटक किया था।

पुलिस की मनोवैज्ञानिक पूछताछ में मोहनलाल सोनार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नोखा थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद ने बताया कि वारदात के संबंध में परिवादी रहे मोहनाल सोना पुत्र गुलाबचंद के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मोहनलाल ने रविवार 20 जून को नोखा थाने में मामला दर्ज कराया कि अज्ञात दो युवकों ने मोहनचौक में दोपहर में लगभग ढाई बजे जब वह अपनी स्कूटी से पहुंचा तो वहां लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उसकी स्कूटी को लात मारी तथा उसकी आंखों में मिर्च डाल दी और इन युवकों ने प्लास्टिक की थैली में रखे उसके 140 ग्रमा सोने के जेवरात छीन लिये।
वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर निरीक्षण किया। पुलिस को मौके पर लाल मिर्च बिखरी हुई नहीं मिली। परिवादी की स्कूटी पर भी कोई स्क्रेच व डेमेज के निशान नहीं मिले। परिवादी पर भी चोट का कोई निशान नहीं दिखा। पुलिस ने मोहनलाल का मेडिकल मुआयना कराया तो वहां भी उसकी आंखों में मिर्च डाले जाने की पुष्टि नहीं हुई।
मौके पर मिला मिर्च पाउडर व परिवादी की रसोई का मिर्च पाउडर एक सा होना पाया गया। मौके पर सीसीटीवी की फुटेज में भी परिवादी दवारा बताये समय में कोई वारदात नहीं होना पाया गया। मोहनलाल के फोन का लोकेशन भी मोहन चौक का नहीं था।
इन तथ्यों के बाद पुलिस ने जब मोहनलाल से अपने तरीकों से पूछताछ की तो मोहनलाल के पास सच उगलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। उसने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी पर सोने के गहने बनाता है।
एक स्वर्णकार ने उसे गहने बनाने के लिये 10 तोला सोना दिया था जो अब उसके पास नहीं था। ऐसे में स्वर्णकार के बने हुए गहने अथवा सोना वापस देने के दबाव के चलते उसने लूट की कहानी बनाई।


