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जन घोषणा पत्र की समयबद्ध हो क्रियान्विति- डॉ. कल्ला

Dr. B.D. Kalla

जलदाय मंत्री डॉ. कल्‍ला  की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमण्डलीय उप समिति बैठक

जयपुर,  (samacharseva.in)। जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने राज्‍य के सरकारी अधिकारियों से कहा है कि वे सरकार के जन घोषणा पत्र के उन बिन्‍दुओं पर तत्‍काल कार्रवाई करें जिनसे जनता को तुरंत राहत प्रदान की जा सकती हो। डॉ. कल्‍ला शुक्रवार को सचिवालय के कांफ्रेस हॉल में जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए गठित मंत्रीमण्डलीय उप समिति की प्रथम बैठक की अध्‍यक्षता कर रहे थे।

उन्‍होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तमाम विभागों के विभागाध्यक्ष समिति को जन घोषणा पत्र के सभी बिन्दुओं के बारे में अब तक की प्रगति और बकाया बिन्दुओं के बारे में कब तक कार्यवाही पूर्ण कर ली जाएगी, इसकी टाईमलाईन बताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने क्रियान्वयन से शेष रहे बिन्दुओं की विभागाध्यक्षों के स्तर पर हर माह बैठक में सतत मॉनिटंरिंग करते हुए समयबद्ध रूप से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जन घोषणा पत्र के सम्बंध में विभागों के स्तर पर जिन कमेटियों का गठन होना है, उनका तत्काल गठन किया जाए। बैठक में आयोजना विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए सीएमआईएस के माध्यम से विभागों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव डी. बी. गुप्ता सहित सम्बंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, शासन सचिव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अब तक 71 प्रतिशत बिन्दुओं पर प्रगति

जलदाय मंत्री डॉ. कल्ला ने बताया कि जन घोषणा पत्र के 503 बिन्दुओं में से 141 बिन्दुओं पर अब तक कार्यवाही हो चुकी है, जबकि 216 बिन्दुओं पर कार्यवाही प्रगति पर है, इस प्रकार सरकार के अब तक के कार्यकाल में 71 प्रतिशत प्रोग्रेस हुई है। उन्होंने बताया कि जन घोषणा पत्र के कुछ बिन्दु दीर्घ अवधि और कुछ लघु अवधि के है, बैठक में ऐसे बिन्दु जो अभी प्रारम्भिक स्तर पर उनके बारे में विभागों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई। ।

पार्किंग की समस्या  

डॉ. कल्ला ने बैठक में शहरों में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को पीपीपी पर आधारित व्यावसायिक मॉडल विकसित करने की सम्भावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए लैंड बैंक बनाने और अतिक्रमियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करने को कहा।