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शांतिनिकेतन सेवा केंद्र में हुआ भिक्षु चरमोत्सव आयोजन

Monk Charmotsav organized at Shantiniketan Seva Kendra

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) शांतिनिकेतन सेवा केंद्र के प्रांगण में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गंगाशहर के तत्वावधान में 222 वां भिक्षु चरमोत्सव का आयोजन किया गया। समारोह में साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी एवं साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी के सान्निध्य रहा।

इस अवसर पर साध्वी श्री रुचि प्रभा जी ने गीतिका प्रस्तुत की।  कार्यक्रम के दौरान साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी ने कहा कि आचार्य भिक्षु का जन्म विक्रम संवत 1786 आषाढ़ शुक्ला तेरस को कंटालिया मारवाड़ में हुआ। तेरापंथ धर्म संघ का प्रारंभ विक्रम संवत 1817 आषाढ़ी पूर्णिमा से होता है उसी दिन आचार्य भिक्षु ने नए सिरे से व्रत ग्रहण किए। इस प्रकार उनकी दीक्षा के साथ ही तेरापंथ का सहज प्रवर्तन हुआ।

साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी ने कहा कि आचार्य भिक्षु अपने युग के एक धुरीण आचार्य थे। उन्‍होंने आगमों का गहन अध्ययन किया। भगवान महावीर की वाणी को सहज सरल शब्दों में जनता के सामने रखा। तेरापंथी सभा से जैन लूणकरण छाजेड़, तेरापंथ युवक परिषद से ललित राखेचा एवं तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री मीनाक्षी आंचलिया ने अपने विचार व्यक्त किये।  कार्यक्रम का संचालन सुप्रिया राखेचा किया।