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बीकानेर अगेंस्‍ट ड्रग (बीएडी) दौड हर धावक ने पूरी की अपनी दौड़

Every runner completed the Bikaner Against Drugs (BAD) run.

बीकानेर के 500 से अधिक युवाओं ने दिया नशे के खिलाफ मजबूत संदेश

नीरज जोशी, बीकानेर, (समाचार सेवा)।  बीकानेर रन क्लब तथा बीकानेर पुलिस के संयुक्त प्रयास से रविवार 13 सितंबर को तड़के आयोजित Bikaner Against Drugs (BAD) दौड़ में 500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।  यही कारण रहा कि रविवार की सुबह बीकानेर में कुछ अलग सुबह थी। तड़के 4:30 बजे जब शहर का अधिकांश हिस्सा नींद में था, तब 500 से अधिक युवा एक उद्देश्य के साथ एकत्रित हो चुके थे—दौड़ना भी है और समाज को नशे के खिलाफ संदेश भी देना है।

Bikaner Against Drugs दौड़ बीकानेर में आयोजित होने वाली सामान्य प्रतीकात्मक रनों से बिल्कुल अलग रही। इस दौड़ की सबसे खास बात यह थी कि यह केवल नाम की रन नहीं थी। सामान्यतः कई आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित किया जाता है, कुछ दूरी तक चलाया जाता है और उसे रन का नाम दे दिया जाता है। लेकिन BAD Run में ऐसा नहीं हुआ। 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर—जिस दूरी के लिए धावक आया, उसने उसे पूरा किया। यही कारण रहा कि इस आयोजन ने बीकानेर में रनिंग की एक नई और गंभीर तस्वीर प्रस्तुत की।

इस अवसर पर बीकानेर के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं 21 किलोमीटर की पूरी दौड़ पूरी कर युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाया। आईएएस अधिकारी एवं BDA आयुक्त सिद्धार्थ ने भी दौड़ में भाग लेकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। अधिकारी हों या युवा धावक—इस आयोजन में संदेश देने के साथ-साथ दौड़ को वास्तव में पूरा करने का जज्बा दिखाई दिया। यह दृश्य केवल एक खेल आयोजन का दृश्य नहीं था। यह बीकानेर के युवाओं की बदलती सोच का संकेत था। नशे के खिलाफ दौड़ता बीकानेर Bikaner Against Drugs केवल एक रन का नाम नहीं, बल्कि एक विचार है।

आज जब नशा युवाओं और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है, ऐसे समय में युवाओं का सुबह-सुबह सड़कों पर दौड़ना अपने आप में एक मजबूत संदेश है—नशे की ओर नहीं, खेल की ओर। नशे की ओर नहीं, फिटनेस की ओर। नशे की ओर नहीं, जीवन की ओर। इस आयोजन में पुलिस की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। जब पुलिस और युवा एक साथ मैदान में दिखाई देते हैं तो उसका संदेश केवल मंच से दिए गए भाषण से कहीं अधिक प्रभावी होता है। बीकानेर रन क्लब ने इस आयोजन को केवल आयोजन बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसे वास्तविक रन का स्वरूप दिया।

यही इसकी सबसे बड़ी सफलता रही। बीकानेर के रविवार बदल रहे हैं दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव केवल BAD Run तक सीमित नहीं है। बीकानेर में अब हर रविवार युवाओं की ऊर्जा अलग-अलग सकारात्मक गतिविधियों में दिखाई देने लगी है। कहीं युवा दौड़ रहे हैं, कहीं Hour for Nation के साथ सामूहिक श्रमदान हो रहा है, कहीं बच्चे और अभिभावक खेल गतिविधियों में भाग ले रहे हैं और कहीं पार्कों में संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से माहौल जीवंत हो रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि प्रशासन और पुलिस भी इन सकारात्मक प्रयासों को सहयोग दे रहे हैं।