Loading Now

updates

ज्ञान की रक्षा के लिये जरूरी है अभिलेखों की सुरक्षा-डॉ. मेघना शर्मा

Security of records is essential for the protection of knowledge - Dr. Meghna Sharma

एमजीएसयू इतिहास विभाग में प्राचीन अभिलेखों के संरक्षण विषयक कार्यशाला

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के इतिहास विभाग की विभागाध्‍यक्ष एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि अभिलेखों की सुरक्षा केवल दस्तावेज़ो की रक्षा नहीं बल्कि हमारी पहचान और हमारे अस्तित्व, सभ्यता संस्कृति के ज्ञान की रक्षा है।  

555-300x177 ज्ञान की रक्षा के लिये जरूरी है अभिलेखों की सुरक्षा-डॉ. मेघना शर्मा

डॉ. मेघना बुधवार को विवि परिसर में इतिहास विभाग द्वारा आयोजित अभिलेखों के संरक्षण के महत्व पर एक दिवसीय कार्यशाला को स्‍वागताध्‍यक्ष के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्‍होंने कहा कि प्राचीन ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण से हम अपने अतीत को समझकर भविष्य की दिशा तय करते हैं।

वृहद स्तर पर चल रही है  डिजिटाइजेशन प्रक्रिया 

111-300x185 ज्ञान की रक्षा के लिये जरूरी है अभिलेखों की सुरक्षा-डॉ. मेघना शर्मा

बीज वक्ता बीकानेर राज्य अभिलेखागार के वरिष्ठ रसायनज्ञ ऋषिराज थानवी ने बीज वक्तव्य में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि एसीटोन विधि से लेमिनेशन के तहत दो फॉइल के बीच डॉक्यूमेंट को रखकर सुरक्षित किया जाता है। पुराने पीले कागज़ों वाले दस्तावेज़ो को कैल्शियम बाईकार्बोनेट के उपयोग से लंबे समय तक संधारित किया जाता है। उन्होंने बताया कि माइक्रोफिल्म रीडर, एमआरडी2 कैमरा आदि नया कागज़ तैयार करने में मददगार साबित होता है तो वहीं दस्तावेजों को दीमक से बचाने हेतु आर्काइव्स के चारों तरफ एंटी टर्माइट लाइनें बिछाई जाती हैं। वर्तमान में वृहद स्तर पर जो डिजिटाइजेशन प्रक्रिया चल रही है उसके तहत जेपीईजी फॉर्मेट में रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जाता है।

विद्यार्थियों ने पूछेरोज़गार संबंधी प्रश्न 

333-300x173 ज्ञान की रक्षा के लिये जरूरी है अभिलेखों की सुरक्षा-डॉ. मेघना शर्मा

आयोजन सचिव अतिथि शिक्षक डॉ. गोपाल व्यास ने मंच संचालन किया। कार्यशाला के मुख्य व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों ने रोज़गार संबंधी प्रश्न पूछे जिसके उत्तर में ऋषिराज थानवी ने कहा कि इतिहास अध्ययन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, इसके तहत सहायक पुरालेखपाल, आर्काइवल केमिस्ट, रिसर्च ऑफिसर, म्यूज़ियम क्यूरेटर जैसे पद हासिल किए जा सकते हैं।  कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को राजस्थान राज्य अभिलेखागार के ब्रोशर भी बांटे गए। अतिथि शिक्षक भगवान दास सुथार ने आभार जताया। कार्यशाला में विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. रीतेश व्यास, डॉ. खुशाल पुरोहित, रिंकू जोशी, जसप्रीत सिंह व किरण सहित 90 विद्यार्थियों ने सहभागिता निभाई।

Share this content:

You May Have Missed