बीकानेर (समाचार सेवा), राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर राजस्थान ब्राह्मण मंच द्वारा रविवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय के ओडिटोरियम में विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि और कार्यों के लिए 100 ब्राह्मण बेटियों का अभिनंदन करके सम्मानित किया गया।
समारोह में अतिथियों ने डॉ. दीपिका व्यास, डॉ. अंजलि शर्मा , सुनीता गौड़, शर्मिला पंचारिया, सोनिया जोशी, संध्या द्विवेदी, मोनिका शर्मा सहित सौ महिलाओं को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
दीपावली स्नेह मिलन समारोह के तहत हुए इस आयोजन में ब्राह्मण समाज के महिला और पुरुषों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
समारोह की मुख्य अतिथि डूंगर कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ बेला भनोत ने कहा कि समाज संस्कार, सहयोग और समर्पण के भरोसे ही अपनी पहचान कायम रखते हुए जमाने की रफ्तार के साथ आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने आयोजकों को महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए साधुवाद दिया। विशिष्ठ अतिथि उद्यमी श्रीधर शर्मा ने समाज के लोगों का आव्हान किया कि वे सोलह संस्कारों के लिए प्रतिबद्ध होकर आगे बढ़ेंगे तो समाज और देश का भला होगा।
राजस्थान ब्राह्मण मंच के अध्यक्ष बनवारी लाल शर्मा ने ब्राह्मण समाज के हित मंच द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि एकता और आपसी सहयोग की भावना की आज आवश्यकता है।
मंच इन्ही उद्देश्यों को लेकर काम कर रहा है। उन्होंने परिवार और समाज में नारियों के भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के सह सहसंयोजक डॉ चंद्र शेखर श्रीमाली ने कहा कि समाज सेवा के कार्य हमें समाज से उरिण होने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर अतिथियों ने गया। समारोह में कर्मचारी नेता सुरेश व्यास, श्रवण पालीवाल अतिथि के रूप में मंचस्थ थे। मंच के महासचिव रमेश ने आभार व्यक्त किया ।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर वितरित की शिक्षण सामग्री

बीकानेर (समाचार सेवा)। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस व मौलाना अबुल कलाम की जयंती पर रविवार को झुग्गी-झौंपडी में रहने वाले बच्चों को शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया।
प्रो. अशोक आचार्य स्मृति संस्थान द्वारा रविवार को मुरलीधर, पवनपुरी, बीछवाल आदि स्थानों पर झुग्गी-झोपड़ियों मे रहने वाले शिक्षा का अधिकार कानून के बारे में भी जानकारी दी गई।
संस्थान से जुडे नवनीत आचार्य ने बच्चों को शिक्षा की जागृति का संदेश दिया। आचार्य ने बताया कि देश के पहले शिक्षा मंत्री, भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की याद में हर 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है।
आचार्य ने बच्चों को बताया कि अबुल कलाम आज़ाद एक विवेकवान और सच्चाई में यक़ीन रखनेवाले मौलाना थे जिसे संकरी धार्मिकता और सांप्रदायिक अलहदगी जैसी बीमारियां कभी छू नहीं सकीं।
सुनयना चौहान ने कहा कि आजाद कवि, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। कार्यक्रम मे हरि पुरोहित, इंजि. आशीष रंगा, जयंत भादाणी,
उमा शंकर मोदी, मनीष खत्री, राधाकिशन किराडू, कैलाश आचार्य, सुशील व्यास, सुनील आचार्य, गोविन्द पुरोहित, अकरम, सल्लुदिन अबासी,
रफीक खान, घनश्याम पुरोहित, आशीष किराडू, परमेश्वर व्यास आदि शामिल रहे।
संगीत कला प्रतियोगिता में साहित्यकारों के गीत



