बीकानेर, (समाचार सेवा)। उर्दू अदब का एक अहम दस्तावेज है डॉ जिया की पुस्तक ‘मा’ नी व मुतालअ’ : डॉ शीरानी, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के प्रो. डॉ. अजीजुल्लाह शीरानी ने कहा कि बीकानेर निवासी डॉ जिया की पुस्तक ‘म’ अनी व मुतालअ’ उर्दू अदब का एक अहम दस्तावेज है। डॉ. शीरानी रविवार को पर्यटन लेखक संघ-महफिले अदब के तत्वावधान में होटल मरुधर हेरिटेज में उर्दू लेखक शाइर डॉ जिया उल हसन कादरी की 5वीं पुस्तक ‘म’ अनी व मुतालअ’ के विमोचन समारोह में अध्यक्षीय उदबोधन दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि लेखक डॉ जिया ने इस पुस्तक के माध्यम से राजस्थान के मौजूदा अदब को राष्ट्रीय स्तर पर पेश किया है। हाजी हाफिज फरमान अली के सानिध्य में आयोजित समारोह में कृति के लेखक डॉ जिया उल हसन कादरी ने कहा कि बीकानेर में उर्दू गद्य में बहुत कम लिखा गया है। उन्होंने ये किताब लिख कर उर्दू गद्य की परम्परा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में कुल 24 अलोचनात्मक और शोधपरक निबन्ध हैं जिनमें 16 निबन्ध राजस्थान के शाइरों और अदीबों पर लिखे गए हैं।

समारोह के मुख्य अतिथि डूंगर महाविद्यालय में उर्दू की असोसिएट प्रोफेसर डॉ असमा मसऊद ने कहा कि जिया कादरी ने इस पुस्तक में राजस्थान के साथ साथ बीकानेर के उर्दू शे रो अदब पर भी उम्दा तहकीक की है। ऐसा कर के उन्होंने अपने शहर से मुहब्बत का सबूत प्रस्तुत किया है। विमोचित कृति पर पत्रवाचन करते हुए शाइर जाकिर अदीब ने कहा जिया कादरी ने राजस्थान के उर्दू अदब के साथ साथ फारसी अदब पर भी कलम चलाया है।

उन्होंने नागौर में मौजूद फारसी साहित्य और सूफी हमीदुद्दीन नागोरी के फारसी कलाम पर शोधपूर्ण प्रमाणिक आलेख लिखा है। विमोचित कृति पर पाठकीय टिप्पणी करते हुए नागौर के मौलाना इरफान नो मानी ने कहा कि जिया कादरी ने राजस्थान के साथ साथ बहादुरशाह जफर,हजरत अमीर खुसरो,अल्लामा इकबाल, साहिर लुधयानवी और पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल जैसी राष्ट्रीय शख्सियतों पर भी अधिकारपूर्ण लिखा है। उनकी भाषा शैली सरल और सहज है।
लेखक परिचय प्रस्तुत करते हुए राजकीय महाविद्यालय,पाली में उर्दू के असिस्टेंट प्रोफेसर मुअज़्जम अली ने कादरी की पांच पुस्तकों शौकत उस्मानी, हजार हवेलियों का शहर बीकानेर, मारवाड़ में उर्दू, मुजाहिदे आजादी शौकत उस्मानी की उर्दू खिदमात और मा नी व मुतालअ के बारे में बताया। इस अवसर पर समाजसेवी साहित्यकार नेमचंद गहलोत और हाजी अताउर रहमान ने कादरी का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया।
कार्यक्रम ने कादरी के पिता हाजी मुहम्मद अली, डॉ अजय जोशी, इंजी गिरिराज पारीक, डॉ के एल बिश्नोई, बुलाकी शर्मा, राजेन्द्र जोशी, कमल रंगा, प्रमोद शर्मा, प्रो ब्रह्मराम चौधरी, मुहम्मद फ़ारूक़ चौहान,एम एल जांगीड़, मन्जू कच्छावा अना, माया भाटी, यास्मीन, बुनियाद हुसैन ज़हीन,अल्ताफ हुसैन, हाफिज बिशारत अली,इरशाद अज़ीज़,विप्लव व्यास,कमल किशोर पारीक, राजकुमार ग्रोवर, शारदा भारद्वाज, हनुवंत गौड़,डॉ तुलसीराम मोदी, जब्बार बीकानवी, शक़ील अंसारी, नरपत सिंह सांखला, फैसल खान, पूणमचन्द गोदारा,सोनू लोहमरोड़, ओम सोनगरा, बी डी हर्ष,आबिद परिहार, अलीमुद्दीन जामी, एनुल अहमद और समीउल हसन क़ादरी सहित बड़े पैमाने पर हिंदी,उर्दू और राजस्थानी साहित्यकार मौजूद थे। अनूप गोस्वामी ने आगन्तुकों का स्वागत किया। शाइर रहमान बादशाह ने गजल सुनाई। सरदार अली परिहार ने आभार व्यक्त किया। संचालन असद अली असद ने किया।
मंत्री को बताई समस्यायें, मिला समाधान का आश्वासन

बीकानेर, (समाचार सेवा)। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह ने भाटी रविवार प्रात: अपने आवास पर जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान ग्राम सुरधना से के लोगो ने पंचायत पुनर्गठन मे अपने ग्राम को पृथक ग्राम पंचायत के रूप से स्वीकृत करवाने की मांग की।
ग्रामीणशिवराज सिंह शेखावत ने 11 वर्ष पूर्व रोडवेज से दुर्घटना का मुआवजा न मिलने की परिवेदना प्रस्तुत की, पूर्व सैनिक प्रभु सिंह ने संविदा नियुक्ति की मांग की, बरसलपुर से आये भंवर, नरेश, पूनमचंद आदि ने ग्राम में शिक्षक नियुक्ति का मांग पत्र मंत्री भीटी को प्रस्तुत किया। लोगों ने विभिन्न विभागो समस्याओं, स्थानांतरण आदि को लेकर आम जन ने अपनी परिवेदना भाटी के समक्ष प्रस्तुत की। विधायक भाटी ने सभी की समस्याओं को गौर से सुना तथा अपने निजी अनुभाग को प्रत्येक परिवेदना पर आवश्यक कार्यवाही हेतु आदेशित किया।
कई स्थानीय समस्याओं के लिये सम्बंधित अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर त्वरित निवारण को कहा। ग्रामीणजनो की परिवेदना को भाटी ने बड़े अपनेपन और आत्मीयता के साथ ठेठ मारवाड़ी भाषा में धैर्य और सहजता के साथ सुना तथा उनके पूर्ण समाधान का विश्वास भी दिलाया। जन सुनवाई में मुख्य मुद्दे बिजली, पानी, शिक्षा, पंचायत पुनगर्ठन, उपनिवेशन स्थानांतरण आदि रहे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भाटी ने किया मतदान



