पूनरासर पारायण समिति ने 61 विभूतियों को दिया आध्यात्मिक गौरव अवार्ड
NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। धनीनाथ गिरी मठ के महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने कहा कि जीवन में यदि मनुष्य भ्रमित होता है तो उसे अंतिम रूप से संस्कारित करने का काम साधु संत करते हैँ। महाराज सूरदासाणी बगेची में पूनरासर पारायण समिति की ओर से आयोजित आध्यात्मिक गौरव अलंकरण अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी मनुष्य की प्रथम गुरू उसकी माता होती है। माता के बाद पिता का नंबर आता है और उसके बाद यदि जीवन में मनुष्य भ्रमित होता है तो उसे अंतिम रूप से संस्कारित करने का काम साधु संत करते हैँ। रामझरोखा धाम के महामंडलेश्वर स्वामी रामदास महाराज ने कहा कि भागवत व रामायण ही मनुष्य को भवसागर पार कराती है। रामझरोखा कैलाश धाम के महंत राष्टीय संत सरजूदास महाराज ने कहा कि रामायण पढ़ने से संस्कार जीवित रहते हैं।
हमें बच्चों में नियमित रूप से भगवान के स्मरण के संस्कार डालने चाहिए। मुरली मनोहर धोरा के संत श्यामसुंदर दास महाराज ने कहा कि गीता व रामायण दो ही ग्रंथ हैं जिनका प्रचार प्रसार करने पर भगवत कृपा बनी रहती है। सागर राम लक्ष्मण भजनाश्रम के दांडी स्वामी श्रीधर जी महाराज ने भी आर्शीवचन दिया।
समाजसेवी राजेश चूरा ने स्वागत भाषण दिया। पूनरासर पारायण समिति के अध्यक्ष राजकुमार व्यास ने आयोजन की जानकारी दी कार्यक्रम का संचालन नरेश पुरोहित ने किया। भंवर पुरोहित ने आभार ज्ञापित किया। समारोह में अन्नू व्यास, नरेश पुरोहित, रामचन्द्र आचार्य, सुरेन्द्र कुमार, अशोक अग्रवाल, कैलाश कुमार आदि मौजूद रहे।
इनको मिला आध्यात्मिक गौरव अलंकरण अवार्ड सम्मान
बीकानेर में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में लंबे समय से लगे साधु-संतों, भागवताचार्यों, यज्ञाचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, वास्तु शास्त्रियों सहित धर्म संस्कृति के 61 संवाहकों को सूरदासाणी बगेची में आयोजित कार्यक्रम में आध्यात्मिक गौरव अलंकरण अवार्ड से सम्मानित किया गया। पूनरासर पारायण समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विशोकानंदजी महाराज, धरानंद महाराज, रामदास महाराज, सरजूदास महाराज, शिव सत्यनाथ महाराज, अधिष्ठाता नवलेश्वर मठ विवेक नाथ बग़ेची, श्याम सुंदर दास महाराज, पं. नथमल पुरोहित, जुगलकिशोर ओझा पुजारी बाबा,
गोपालनारायण व्यास, ब्रजलाल शर्मा, मांगीलाल भोजक, राजेन्द्र व्यास, पं. राजेन्द्र किराडू, राजेश व्यास, रवि प्रकाश, विमल किराडू, रमेश व्यास, अशोक ओझा, महेंद्र व्यास, प. मुरली व्यास, अशोक अग्रवाल, अरूण व्यास, ब्रज रतन पुरोहित, अशोक ओझा, प. योगेश बिस्सा, प्रहलाद व्यास, अशोक किराडू, मुदित भोजक, रामलक्ष्मण चौधरी, भाईश्री व्यास, श्रवण व्यास, दिव्यांशु व्यास, सुशील किराडू, पुरूषोत्तम व्यास, विजयशंकर व्यास, अशोक रंगा का सम्मान किया गया।
मानस समितियों को भी मिला अवार्ड
समारोह में रामायण का पाठ करने वाली मानस समितियों हनुमान मंडल, नवयुवक मानस प्रचार समिति, मानस प्रचार समिति फडबाजार, मानस प्रचार समिति पारीक चौक, आदर्श नवयुवक सेवा समिति, अंबे मंडल, सत्प्रेरणा परिषद व ऋग्वेदी रांका को भी अवार्ड प्रदान किया गया।
श्रीमती तारादेवी सोनी, कविता पारीक, किशोर पुरोहित, प. नवरतन व्यास, बजरंग पारीक तथा पूनरासर मंदिर के पुजारी रतन जी बोथरा को भी माला साफा पहनाकर अलंकरण अवार्ड दिया गया।


