बीकानेर रेल मंडल पर नगर राजभाषा कार्यक्रम समिति की बैठक आयोजित
NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक शुक्रवार को मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय बीकानेर में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने की। बैठक में समिति के सचिव ने बताया कि संसदीय राजभाषा समिति ने निरीक्षण के दौरान अंग्रेजी के पत्रों के जवाब भी हिंदी में देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। बैठक में केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित राजभाषा के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने राजभाषा प्रयोग पर आधारित एक पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एवं मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने सभी प्रकार के पत्राचार, जन संपर्क के कार्यों, विभागीय निरीक्षणों आदि में राजभाषा का प्रयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रयोग सुनिश्चित करना कार्यालय प्रधान का दायित्व है। उन्होंने संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण के बारे में बैठक को बताते हुए कहा कि राजभाषा की बैठक में अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाता है।
राजभाषा संबंधी गतिविधियों के आयोजन का सुझाव
उन्होंने राजभाषा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए नगर स्तर पर राजभाषा संबंधी गतिविधियों के आयोजन का सुझाव दिया। अध्यक्ष ने नराकास की वार्षिक ई-पत्रिका ‘संवाद’ का विमोचन किया। अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य परियोजना प्रबंधक, गति शक्ति ने आभार जताया। बैठक में डीआरएम गौरव गोविल, पीएम केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 बीकानेर, प्राचार्य महिपाल सिंह, निदेशक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, राजेंद्र सिंह बघेला, बीएसएनल उपमंडल अभियंता वीरेंद्र सिंह सहित अनेक कार्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजभाषा का उत्कृष्ट प्रयोग करने वालों को मिलेगा प्रमाण-पत्र
बैठक को सूचित किया कि अध्यक्ष के निर्देशानुसार आगामी बैठक में राजभाषा का उत्कृष्ट प्रयोग करनेवाले तीन कार्यालयों को अध्यक्ष द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की उपसमिति द्वारा निर्धारित की जाएगी। समिति अध्यक्ष ने राजभाषा प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय विद्याल क्रमांक 1, टिड्डी एवं कीट प्रबंधन, भारतीय खाद्य निगम एवं भारत संचार निगम लिमिटेड ने अपने कार्यालयों में राजभाषा प्रयोग की स्थिति को प्रदर्शित किया।


