Loading Now

updates

बच्चा मां से सीखता है, हम केयर पर ध्यान दे रहे हैं गाइडेंस पर नहीं – प्रो. चारण

एमजीएसयू :  महिला की नैतिक शिक्षा में भूमिका विषय पर अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित

बीकानेर, (समाचार सेवा)।  बच्चा मां से सीखता है, हम केयर पर ध्यान दे रहे हैं गाइडेंस पर नहीं – प्रो. चारण, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एच डी चारण ने कहा कि बच्चा मां से सीखता है, परिवार से सीखता है। वास्‍तविकता यह है कि हम केयर पर ध्यान दे रहे हैं गाइडेंस पर नहीं।

प्रो. चारण शनिवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) के पंडित मदन मोहन मालवीय मूल्य शिक्षा केन्द्र व महिला अध्ययन केन्द्र द्वारा नैतिक शिक्षा में महिलाओं की भूमिका विषयक अंतर्राष्ट्रीय परिसंवाद में को बीज वक्‍ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि शिक्षा की भूमिका एक निश्चित मानवीय आचरण से जीने की योग्यता पैदा करना है। मुख्य अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर रविंद्र कुमार ने कहा कि मूल्य शिक्षा अपने आप में राष्ट्रीय शिक्षा का ही एक रूप है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि मां वो पहला शब्द होता है जो बच्चा बोलना सीखता है। सर्वप्रथम नारी की शिक्षा पर ध्यान देना होगा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की आयोजन सचिव सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज की डायरेक्टर डॉ. मेघना शर्मा ने कार्यक्रम का संयोजन करते हुए कहा कि नैतिक मूल्यों के प्रवर्तन में सबसे अहम भूमिका मां के द्वारा निभाई जाती है।

विशिष्ट अतिथि कुआलालम्पुर, मलेशिया के प्रो. धर्मदास दामू ने कहा कि शिक्षित महिला संतति में उत्कृष्ट नैतिक मूल्यों का प्रस्फुटन कर सकती है। उन्‍होंने कहा कि मां अपनी संतति को योग्य बनाने के लिए अपने समय का, यहां तक कि अपने कैरियर तक का भरपूर त्याग कर देती है।

आइक्यूएसी निदेशक व पंडित मदन मोहन मालवीय सेंटर फॉर वैल्यू एजुकेशन के निदेशक प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Share this content:

You May Have Missed