MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर राजवंश के पहले राज ज्योतिषी टीकूजी जोशी की वंश परंपरा में शामिल तथा टीकूजी जोशी की बारहवीं पीढ़ी के वंशज राज ज्योतिषी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी बीकानेर राजवंश के राज ज्योतिषियों की साढ़े तीन सौ वर्ष पुरानी परंपरा के वाहक हैं।
श्री जोशी ने समाचार सेवा से बातचीत में बताया कि आज कई शिक्षण संस्थानों में ज्योतिष की पढ़ाई तो शुरू कर दी गई है मगर वहां केवल ज्योतिष की कुछ किताबें ही रटाई जा रही हैं। जरूरी है कि इन संस्थानों में शिक्षक के रूप में ऐसे सक्रिय ज्योतिषियों को नियुक्त करना चाहिये जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्योतिष का ज्ञान भी दे सकें। बातचीत में श्री जोशी ने बताया कि करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पूर्व बीकानेर के राज परिवार ने टीकूजी जोशी को राज ज्योतिषी के रूप में बीकानेर आमंत्रित किया था।
जूनागढ़ में ही निवास करते थे टीकूजी जोशी के वशंज
आज उस परिवार के करीब एक हजार सदस्य हैं। भाट जाति के जो लोग राजाओं और राजदरबारियों की वंशावली रखते हैं, उनके ताऊजी ने उनमें से एक भाट से टीकूजी जोशी की वंशावली निकाली तो जोशी परिवारों को अपने पुरखों के बारे में पता चला। श्री जोशी ने बताया कि बीकानेर का राजपरिवार जूनागढ़ में ही निवास करता था। तब टीकूजी जोशी के वशंज करीब सौ वर्ष पहले तक जूनागढ़ में ही निवास करते थे।
जूनागढ़ में हैं जोशी परिवार के कमरों के अवशेष
हालांकि परिवार बढ़ने के कारण कुछ परिवार गढ़ में रहते और कुछ परिवार बीकानेर शहर में आकर रहने लगे। आज राजतंत्र समाप्त हो चुका है, उसके बाद भी आज भी जूनागढ़ में जोशी परिवार के कमरों के अवशेष बने हुए हैं। हमारे कुल देवी, कुल देवता, गणेश और भैरव भी जूनागढ़ में ही है। उन्होंने बताया कि बीकानेर का प्रसिद्ध जूनागढ़ का गढगणेश मंदिर भी हमारे ईष्टदेव लीलरिया गणेशजी ही हैं।
ज्योतिष विषय को सीखने का सिलसिला जारी
श्री जोशी ने बताया कि ज्योतिषी परिवार होने के कारण उनके पिता चिकित्सक होने के बावजूद ज्योतिष में अच्छी दखल रखते थे। हालांकि सिद्धार्थ जी ने अपने पिता को बहुत छोटी उम्र में खो दिया था, लेकिन ज्योतिष विषय के प्रति उनका रुझान पारिवारिक माहौल से अधिक नैसर्गिक ही रहा। श्री जोशी बीस वर्ष की उम्र में पहली बार ज्योतिष विषय से संपर्क में आए और तब से आज तक उनका ज्योतिष विषय को सीखने का सिलसिला जारी है।
कर्म के प्रभाव से स्वयं पुन: ज्योतिष
इन वर्षों में बीकानेर के लगभग सभी प्रख्यात ज्योतिषियों के संपर्क में रहे। श्री जोशी कहते हैं, अब राजतंत्र नहीं है, फिर भी अपनी ब्लडलाइन के कारण वंशानुगत विशेषता और कर्म के प्रभाव से वे स्वयं पुन: ज्योतिषी हो चुके हैं और उन्हें गर्व है कि वे बीकानेर राजवंश के राज ज्योतिषियों की साढ़े तीन सौ वर्ष पुरानी परंपरा के वाहक हैं। आप राज ज्योतिषी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी से उनके नंबर 9413156400 से संपर्क कर सकते हैं।


