नीरज जोशी, बीकानेर, (समाचार सेवा)। 60 साल बाद शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह को मिला सम्मान,देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बीकानेर के वीर सपूत शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह को करीब 60 वर्ष बाद सम्मान मिला है। स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार ने बीकानेर के रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का नाम शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह के नाम पर करने की अनुमति प्रदान की है।
शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह बीकानेर से भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने वाले शुरुआती नागरिकों में रहे। सेना के एक ऑपरेशन के दौरान अलगाववादियों के साथ करीब ढाई घंटे तक चली मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। मुठभेड़ में सीने में सात गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने देश और आम नागरिकों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
लंबी प्रक्रिया के बाद मिली स्वीकृति
शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह स्मृति न्यास के डॉ. विकास ने बताया कि विद्यालय के नामकरण की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल रही। विभिन्न सरकारी विभागों में पत्रावलियों के स्तर पर चली प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद अब विद्यालय के नामकरण को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि शहादत की तारीख पुरानी हो सकती है, लेकिन देश के लिए दिया गया बलिदान कभी पुराना नहीं होता।
विद्यार्थियों को दी जाएगी छात्रवृत्ति
डॉ. विकास ने बताया कि धनराज कमलेश सहारण फाउंडेशन की प्रोफेसर डॉ. अलका सहारण के सहयोग से विद्यालय के विद्यार्थियों को शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह की स्मृति में छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। विद्यालय का नामकरण भावी पीढ़ी को शहीद की वीरता, साहस और देशभक्ति से परिचित कराने के साथ उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर देगा।
















