बीकानेर के आईजी ओमप्रकाश मेघवाल से बातचीत
MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर पुलिस रेंज में महिला अत्याचार के मामलों में 19.24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। बीकानेर रेंज के जिले चूरू में महिला अत्याचार के मामले सर्वाधिक 35. 45 प्रतिशत तक बढ़े हैं। बीकानेर जिले में 20.28, श्रीगंगानगर में 11.89 तथा हनुमानगढ़ जिले में महिला अत्याचार के मामले 10.95 प्रतिशत वृद्धि बढ़े हैं।
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ओम प्रकाश मेघवाल ने समाचार सेवा से बातचीत में महिला अत्याचार के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि इन मामलों के निस्तारण के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बीकानेर रेंज में विभिन्न मामलों की पेंडेंसी पर गंभीरता पूर्वक कहा कि इसे वे स्वयं निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं इसलिए अनावश्यक पेंडेंसी को त्वरित प्रभाव से कम किया जाना है।
रेंज में ओवरआल पेंडेंसी 20.8 प्रतिशत
आईजी मेघवाल ने बताया कि उनके कार्यग्रहण करने के समय के रेंज में ओवरआल पेंडेंसी 20.8 प्रतिशत है जिसे अगले एक महीने में कम करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक पेंडेंसी श्रीगंगानगर और कम चुरू में है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन पुलिस की मोर्निंग रिपोर्ट्स का अध्ययन करते हैं और मामलों की गहन समीक्षा करते हैं ऐसे में प्रत्येक प्रकरण उनकी निगाह में रहता है।
साढ़े पांच प्रतिशत बढ़े गम्भीर अपराध
आईजी ने कहा कि आईपीसी 173/8 जो अब 193 एन बीएनएस कहलाता है इसे विशेष रूप से समझने की आवश्यकता है। आईजी मेघवाल ने बताया कि गम्भीर अपराधों में बीकानेर रेंज में साढ़े पांच प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है जिस पर नियंत्रण करने के सख्त प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं में बीकानेर में 12 प्रतिशत तथा दुर्घटना मृत्यु में 32 प्रतिशत कमी आई है,
जबकि श्री गंगानगर में दुर्घटना में 40 प्रतिशत तथा दुर्घटना मृत्यु में 194 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,वहीं चुरू में दुर्घटना 18.92 प्रतिशत तथा दुर्घटना मृत्यु 34 प्रतिशत कम हुई है। दुर्घटनाओं में रेंज में ओवर आल 15.34 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि चूरू में हत्या तथा हत्या के प्रयास मामलों में रेंजभर में सर्वाधिक वृद्धि हुई है।
मुफलिस के साथ अन्याय को बर्दाश्त नहीं
आईजी मेघवाल ने कहा कि कमजोर परिवादी के मामले को हल्का मानते हुए बलशाली के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने की बात कह कर मामले को हल्का कर देने के प्रकरणों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुफलिस, कमजोर और गरीब के सही मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई कर परिवादी को राहत दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आईजी ने कहा कि धाराओं को प्रभाव में आकर हटा देने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनवेस्टिगेशन को सही तरीके से कर के सही सही फाइंडिंग देना आवश्यक है। एक पीड़ित ने मुकदमा दर्ज करवाया उसके सामने वाली पार्टी से भी परस्पर मुकदमा दर्ज करने की प्रवृति को पुलिस त्याग दे अन्यथा कार्यवाही की जायेगी।


