नौतपा में धरती क्यों झुलसती है? जानिए मौसम और ग्रहों का खेल नौतपा: जब धरती सूरज की आग से तपती है, जानिए इसके पीछे छुपा सच
राजस्थान में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो चुकी है। ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं। पर क्या आपने सोचा है कि आखिर ये नौतपा होता क्या है और इसमें इतनी गर्मी क्यों पड़ती है?
नौतपा का ज्योतिष और विज्ञान से जुड़ा कारण:
-
यह समय तब आता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और पृथ्वी के सबसे करीब होता है।
-
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह स्थिति तब बनती है जब सूर्य वृषभ राशि में 10-23 डिग्री के बीच और चंद्रमा आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र में होता है।
-
सूर्य जब शक्ति और निर्णय दोनों की भूमिका में होता है, तो उसका असर मौसम पर साफ दिखता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है। तापमान 46 से 48 डिग्री तक जा सकता है, विशेषकर जैसलमेर और फलौदी में।
डॉक्टरों की चेतावनी:
एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि इस समय खुद को हाइड्रेटेड रखें और गर्मी से बचाव के उपाय करें।
-
ज्यादा पानी पिएं
-
ठंडे पेय जैसे नींबू पानी, छाछ लें
-
दोपहर के समय घर के भीतर रहें
-
सिर और शरीर को ढंक कर ही बाहर जाएं
नौतपा का महत्व:
लोक मान्यता के अनुसार, नौतपा के नौ दिन धरती को रोगों और विकृति से शुद्ध करने का कार्य करते हैं। यदि इस दौरान पर्याप्त गर्मी नहीं हुई, तो कीट-पतंगों और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम पूर्वानुमान (26 मई – 2 जून):
-
गर्म हवाएं और तेज धूप
-
बीच में कुछ दिन हल्की बारिश
-
अंत में आंधी और बूंदाबांदी के संकेत
यह नौतपा न केवल मौसम का एक दौर है, बल्कि प्रकृति और शरीर दोनों के लिए एक चेतावनी भी है—सावधानी और संतुलन जरूरी है।
















