MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर नगर निगम इन दिनों जिस सक्रियता और परिणाममुखी कार्यशैली के साथ कार्य कर रहा है, वह किसी भी स्थानीय निकाय के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है। नगर निगम आयुक्त, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मयंक मनीष की दृढ़ इच्छाशक्ति और चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाली कार्य प्रणाली ने प्रशासनिक तंत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। इसका सीधा प्रभाव नगर निगम के राजस्व संग्रहण और जनोपयोगी कार्यों की गति में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
किसी भी शहरी निकाय के लिए राजस्व उसका आधार स्तंभ होता है। यदि आय के स्रोत मजबूत हों, तो विकास कार्यों को गति देना संभव होता है। बीकानेर नगर निगम ने हाल के दिनों में जिस प्रकार यूडी टैक्स और अन्य स्रोतों से बेहतर संग्रहण किया है, वह प्रशासनिक इच्छाशक्ति और प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम है। यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि शहर के समग्र विकास की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।
जन समस्याओं के समाधान में आई तेजी
इसके समानांतर, जन समस्याओं के समाधान में भी तेजी आई है। नालियों की मरम्मत, सड़कों का रखरखाव, जल निकासी की व्यवस्था और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई ने आमजन में विश्वास पैदा किया है। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, यह भी आवश्यक है कि इस गति और प्रतिबद्धता को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखा जाए।
संस्थागत सुधार भी जरूरी
किसी एक अधिकारी की सक्रियता से परिवर्तन की शुरुआत तो हो सकती है, लेकिन उसे स्थायी रूप देने के लिए संस्थागत सुधार भी जरूरी होते हैं। पारदर्शिता, जनभागीदारी और सतत निगरानी जैसे तत्वों को भी समान महत्व देना होगा। समग्र रूप से देखा जाए तो बीकानेर नगर निगम की वर्तमान कार्यशैली एक सकारात्मक संकेत है। यदि यही रफ्तार और संवेदनशीलता बनी रही, तो निश्चित ही बीकानेर शहर विकास और सुव्यवस्था के नए आयाम स्थापित कर सकता है।


