MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित नमिता सोनी का मानना है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अध्ययन, सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण और दृढ़ निश्चय अत्यंत आवश्यक हैं। सोनी आईएएस परीक्षा में 547 वीं रैंक से सफल हुई है। नमिता का कहना है कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट और संकल्पित हो तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
तीन पुत्रियों में सबसे छोटी नमिता सोनी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही यह विश्वास था कि वे जीवन में कुछ ऐसा अवश्य करेंगी जिससे उनके माता-पिता और समाज को गर्व महसूस हो। इसी सोच और निरंतर मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी होती है।
नमिता का मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग विद्यार्थियों के समय और एकाग्रता को प्रभावित करता है। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सोशल मीडिया का कम से कम उपयोग करना चाहिए और अपना अधिकतम समय अध्ययन तथा आत्मविकास में लगाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग भी सफलता की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से बच्चों को यदि दादा-दादी और नाना-नानी का सान्निध्य मिलता है तो उनमें संस्कार, संवेदनशीलता और जीवन मूल्यों का बेहतर विकास होता है। ऐसे पारिवारिक वातावरण से बच्चों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है। नमिता सोनी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने से सफलता अवश्य मिलती है।
असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि सकारात्मक सोच, नियमित अध्ययन और परिवार के संस्कार ही व्यक्ति को जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।


