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मार्च 2026 तक गंग नहर फेज-2 में 1.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बने वाटर कोर्स

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। सिंचित क्षेत्र विकास विभाग (सीएडी) द्वारा गंग नहर फेज-2 परियोजना के अंतर्गत बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। इस परियोजना के तहत कुल 1 लाख 17 हजार 975 हेक्टेयर क्षेत्र में वाटर कोर्स (खाले) बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अब तक 1 लाख 11 हजार 879 हेक्टेयर क्षेत्र में खालों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग के अतिरिक्‍त मुख्य अभियंता मूल सिंह ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कुल 25.74 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया था। इसमें से अब तक 24.45 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। शेष कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और विभाग का लक्ष्य है कि मार्च 2026 के अंत तक परियोजना को पूरी तरह पूर्ण कर दिया जाए।

उन्होंने बताया कि गंग नहर क्षेत्र में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस परियोजना की शुरुआत 28 सितंबर 2015 को की गई थी। हालांकि विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से परियोजना को पूरा होने में अपेक्षा से अधिक समय लग गया और अब करीब 11 वर्ष बाद यह अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभाग के अनुसार वर्तमान में बचे हुए क्षेत्र में भी तेजी से कार्य करवाया जा रहा है ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना का बाइंड-अप किया जा सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गंग नहर कमांड क्षेत्र में वाटर कोर्स बनने से सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

किसानों को मिल सकेगा फसलों के लिए पानी 

खालों के माध्यम से नहर का पानी खेतों तक सुगमता से पहुंच सकेगा, जिससे पानी की बर्बादी कम होगी और सिंचाई की दक्षता भी बढ़ेगी। इससे किसानों को अपनी फसलों के लिए समय पर पानी मिल सकेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावना भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार वाटर कोर्स निर्माण से खेत स्तर तक पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलती है। इससे न केवल नहर प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ती है बल्कि किसानों को भी सिंचाई के लिए अलग-अलग साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सीएडी विभाग का मानना है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद गंग नहर क्षेत्र के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

विभाग ने उम्मीद जताई है कि मार्च 2026 तक शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा और परियोजना का औपचारिक समापन किया जा सकेगा। असल में फीडर, मैन कैनाल,ब्रांच,डिस्टीब्यूटरी, माइनर और खाला, यह पानी पहुंचाने का सिस्टम है। खाला खेत तक पानी पहुंचाने वाला सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है जिसका निर्माण कर्म सीएडी का कार्य है। पानी को खेतों तक पहुंचाना वास्तव में खालों के माध्यम से ही सम्भव है जिसके लिए राज्य सरकार में एरिया डेवलपमेंट का पृथक विभाग कायम किया हुआ है जिसका मुख्यालय बीकानेर में है।

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