अपने पूर्ण सेवाकाल में विवि अधिकारी नहीं ले सके एक भी पदोन्नति
बीकानेर, (समाचार सेवा)। नियमों के अभाव में पदोन्नति को तरसते महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न राजकीय स्वायत्तशासी विश्वविद्यालयों में कार्यरत अधिकारियों के पदोन्नति नियम बने हुए हैं लेकिन बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) के अधिकारियों की पदोन्नति की कोई नियमावाली अब तक नहीं बने हैा।

Officials of Maharaja Ganga Singh University Bikaner yearning for promotion due to lack of rules
यही कारण है कि एमजीएस इस विवि के अनेक अधिकारी पूर्ण सेवाकाल के बावजूद एक भी पदोन्नति नहीं ले पा रहे हैं। विवि से जुड़े इन अधिकारियों ने अब सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है। इस संबंध में राज्यपाल व सीएम को ज्ञापन भेजा गया है।
ज्ञापन में बताया गया है महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में कार्यरत अधिकारियों के पदोन्नति नियम अब तक नहीं बने हैं। इससे इस विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों की पूर्ण सेवाकाल में एक भी पदोन्नति नहीं हो रही है जबकि अन्य विश्वविद्यालयों के समकक्ष अधिकारियों की पदोन्नति हो रही है।
ज्ञापन में राज्यसरकार से विषमता को समाप्त कर संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों के अनुसार सभी को पदोन्नति के समान अवसर प्रदान करने के संबंध में ध्यान देने कहा गया है।
पदोन्नति से वंचित इन अधिकारियों के अनुसार महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के अधिनियम 48 के अनुसार जब तक इस विद्यालय के स्वयं के नियम, परिनियम और अध्यादेश आदि नहीं बन जाते तब तक महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के द्वारा बनाए गए नियम प्रवृत रहेंगे।
इसलिए इस विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए नियमों के आधार पर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों सहायक कुलसचिव सचिव को उपकुलसचिव और अनुभाग अधिकारियों को सहायक कुलसचिव पद पर पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जा सकता है मगर व्यवहार में ऐसा नहीं किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि राज्य के समस्त राजकीय स्वायत्तशासी विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारियों अतिरिक्त कुलसचिव परीक्षा नियंत्रक एवं सहायक कुलसचिव के सेवा नियम एवं पदोन्नति नियम एक समान ही होने चाहिए परन्तु राजस्थान राज्य के विभिन्न स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय में अधिकारियों के सेवा नियम एवं पदोन्नति नियम भी विभिन्न-विभिन्न है।
जबकि एक नियम होना चाहिये। वहीं बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में अब तक नियम नहीं बने हैं।
















