MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर शहर के चारों ओर रिंग रोड का घेरा अब लगभग पूरा होने की दिशा में बढ़ रहा है। जयपुर, जोधपुर और श्रीगंगानगर की ओर जाने वाली सड़कों को पहले ही बाईपास से जोड़ा जा चुका है, लेकिन जैसलमेर रोड के इससे नहीं जुड़ पाने के कारण शहर के चारों ओर पूर्ण रिंग रोड का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था।
अब इस कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटी) के निर्देश पर जोधपुर रोड से जैसलमेर रोड तक करीब 13 किलोमीटर लंबा नया बाईपास बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग बीकानेर के नेशनल हाईवे डिवीजन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। नेशनल हाईवे डिवीजन के अधिशाषी अभियंता हनुमान दान रत्नू ने बताया कि डीपीआर तैयार करने में लगभग छह माह का समय लगेगा।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा, जहां से परियोजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण सहित अन्य प्रारंभिक प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर इसके लिए आवश्यक सर्वे और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं ताकि परियोजना को समय पर अमलीजामा पहनाया जा सके।
जोधपुर रोड से जैसलमेर रोड तक बाईपास की प्रक्रिया शुरू
सूत्रों के अनुसार इस बाईपास निर्माण परियोजना पर कुल लगभग 342 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इसमें भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्यों का खर्च शामिल है, जबकि केवल सड़क निर्माण पर ही करीब 286 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि यह बाईपास बनने के बाद बीकानेर शहर के चारों ओर रिंग रोड का पूरा घेरा तैयार हो जाएगा। इससे शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार आएगा। साथ ही बाहर से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना ही अपने गंतव्य तक जाने की सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रिंग रोड पूर्ण होने से न केवल यातायात व्यवस्था सुगम होगी बल्कि शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक और आवासीय गतिविधियों को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


