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अवमानना के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को किया तलब

MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। बीकानेर जिले के तत्कालीन एडिशनल एसपी और श्रीडूंगरगढ़  के तात्कालीन एसएचओ द्वारा हाई कोर्ट की रोक के बावजूद  एक गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए पुलिस अफसरों को तलब किया हैं। अवमानना मामले में तत्‍कालीन एडिशनल एसपी सौरभ तिवारी, तत्‍कालीन थानाधिकारी जितेन्‍द्र स्‍वामी और जांच अधिकारी मोहनलाल को तलब किया है।

 

राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की खंडपीठ ने कथित अवमानना के एक मामले में ये नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई भीम सेना के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र नौसरिया की याचिका पर की गई है। न्यायमूर्ति फरजंद अली की पीठ ने प्रारंभिक सुनवाई में कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का प्रथम दृष्टया मामला बनता प्रतीत होता है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

क्या है मामला

याचिकाकर्ता राजेंद्र नौसरिया का आरोप है कि उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी पर रोक और जांच में सहयोग का अवसर देने के आदेश के बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। याचिका में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर रखा गया और सार्वजनिक रूप से पैदल मार्च भी कराया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कैलाश पंचारिया ने अदालत को बताया कि घटना के समय नौसरिया की लोकेशन अन्य स्थान पर थी और इसके समर्थन में सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए गए थे। इसके बावजूद पुलिस ने कथित रूप से कार्रवाई की।

अदालत की टिप्पणी

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आदेश की अवमानना हुई है और गिरफ्तारी दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई हो सकती है। श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में शिकायतकर्ता ने नौसरिया और अन्य पर कथित रूप से फिरौती मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। हालांकि याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना के समय वह कथित तौर पर सैकड़ों किलोमीटर दूर थे।

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