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किसानों के हित सुरक्षित रहें फसल की लागत निर्धारण में – प्रो आर. पी. सिंह

Farmers' interests should be safe in determining the cost of the crop - Prof. R. P. Singh

बीकानेर, (समाचार सेवा)। किसानों के हित सुरक्षित रहें फसल की लागत निर्धारण में – प्रो आर. पी. सिंह, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रोफेसर रक्षपाल सिंह ने कहा कि फसल का लागत मूल्य इस तरह निर्धारित किया जाए कि किसानों के हित सुरक्षित रहें।

कुलपति बुधवार को प्रशासनिक सुधार विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के आदेशानुसार गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि लागत मूल्य एग्रो क्लाइमेट क्षेत्र के हिसाब से रखा जाए। कुलपति सिंह ने बताया की  फसल के लागत मूल्य में बीज की मात्रा, बीज का मूल्य, खेतिहर श्रमिक का भुगतान शामिल होता है। इसके अलावा पोषक तत्वों का प्रबंधन भी लागत मूल्य मे एक प्रमुख कारण रहता है।

इस कारण विभिन्न क्षेत्रों में फसल की लागत अलग-अलग आती है। लागत मूल्य के हिसाब से ही कोऑपरेटिव बैंक ऋण व बीमा आदि की सुविधाएं दे पाते है। विशेषज्ञों की राय के अनुसार फसल की लागत में ज्यादा फर्क नहीं आना चाहिए। प्रमुख शासन सचिव कृषि राजस्थान सरकार की अध्यक्षता बैठक में हुई इस  कॉन्फ्रेंसिंग में चर्चा का मुख्य विषय जिला स्तरीय तकनीकी समितियों द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए फसलवार पशुपालन एवं मत्स्य पालन हेतु निर्धारित स्केल ऑफ फाइनेंस रहा।

बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, कृषि निदेशालय, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग, रजिस्ट्रार सहकारी समिति, आरबीआई, नाबार्ड, एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के अलावा राजस्थान के समस्त कृषि विश्वविद्यालय के कुलपतियों व अन्य संस्थाओं ने भाग लिया।